Home/Dainik Bhaskar/एक संत करते थे जूते-चप्पल बनाने का काम, उनसे खुश होकर एक महात्मा उन्हें पारस पत्थर दे गए, जैसे ही ये पत्थर लौहे के औजारों पर लगाया तो वे हो गए सोने के, एक वर्ष बाद महात्मा उस संत के पास वापस लौटे तो हैरान हो गए
एक संत करते थे जूते-चप्पल बनाने का काम, उनसे खुश होकर एक महात्मा उन्हें पारस पत्थर दे गए, जैसे ही ये पत्थर लौहे के औजारों पर लगाया तो वे हो गए सोने के, एक वर्ष बाद महात्मा उस संत के पास वापस लौटे तो हैरान हो गए
एक संत करते थे जूते-चप्पल बनाने का काम, उनसे खुश होकर एक महात्मा उन्हें पारस पत्थर दे गए, जैसे ही ये पत्थर लौहे के औजारों पर लगाया तो वे हो गए सोने के, एक वर्ष बाद महात्मा उस संत के पास वापस लौटे तो हैरान हो गए
Reviewed by Kumar's Technical Gyan
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4:16 AM
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