Home/Dainik Bhaskar/एक सेठ एक विद्वान संत के पास जाकर बोले- मेरा मन हमेशा अशांत रहता है, मैं क्या करूं? सेठ की बात सुनकर संत ने आग जलाई और उसमें लकड़ियां डालने लगे, संत उस सेठ को क्या बताना चाह रहे थे?
एक सेठ एक विद्वान संत के पास जाकर बोले- मेरा मन हमेशा अशांत रहता है, मैं क्या करूं? सेठ की बात सुनकर संत ने आग जलाई और उसमें लकड़ियां डालने लगे, संत उस सेठ को क्या बताना चाह रहे थे?
एक सेठ एक विद्वान संत के पास जाकर बोले- मेरा मन हमेशा अशांत रहता है, मैं क्या करूं? सेठ की बात सुनकर संत ने आग जलाई और उसमें लकड़ियां डालने लगे, संत उस सेठ को क्या बताना चाह रहे थे?
Reviewed by Kumar's Technical Gyan
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4:45 AM
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