Home/Dainik Bhaskar/दो ब्रह्मचारी साधु नदी के किनारे खड़े थे, दूसरे किनारे पर एक युवती थी, उसे नदी पार करना थी लेकिन नाव नहीं थी, एक ब्रह्मचारी ने उसे पीठ पर लाद कर नदी पार करा दी, दूसरे ने उससे कहा कि तुमने नारी को छुआ है, ये पाप है...
दो ब्रह्मचारी साधु नदी के किनारे खड़े थे, दूसरे किनारे पर एक युवती थी, उसे नदी पार करना थी लेकिन नाव नहीं थी, एक ब्रह्मचारी ने उसे पीठ पर लाद कर नदी पार करा दी, दूसरे ने उससे कहा कि तुमने नारी को छुआ है, ये पाप है...
दो ब्रह्मचारी साधु नदी के किनारे खड़े थे, दूसरे किनारे पर एक युवती थी, उसे नदी पार करना थी लेकिन नाव नहीं थी, एक ब्रह्मचारी ने उसे पीठ पर लाद कर नदी पार करा दी, दूसरे ने उससे कहा कि तुमने नारी को छुआ है, ये पाप है...
Reviewed by Kumar's Technical Gyan
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3:06 AM
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