ग्रामीण भारत में 25.3% और शहरों में 97% लोगों तक इंटरनेट की पहुंच
यूटिलिटी डेस्क. भारत 63 करोड़ इंटरनेट सब्स्क्राइबर के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बेस वाला देश है। यह अमेरिका, इंग्लैंड, रूस और दक्षिण अफ्रिका जैसे देशों के कुल जनसंख्या से भी ज्यादा है। सस्ते मोबाइल डेटा और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच की वजह से पिछले चार साल में देश में तेजी से इंटरनेट की पहुंच बढ़ी है। साथ ही बीते वर्षों में डेटा उपभोग की रफ्तार भी काफी तेज हुई है।
इंटरनेट यूजर हर महीने कर रहा9 जीबी डेटा का उपभोग
वर्तमान में एक औसत इंटरनेट यूजर हर महीने 9 जीबी डेटा का उपभोग कर रहा है। महीने में वह 16 घंटा वीडियो देख रहा है जो 2015 में मात्र 15 मिनट देखता था। लेकिन टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई)के आंकड़ों के अनुसार तेजी से डिजिटल होते इंडिया में ग्रामीण भारत पीछे छूट रहा है।
- जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में इंटरनेट घनत्व 48.4 है। मतलब प्रति 100 लोगों पर इंटरनेट सब्स्क्राइबर की संख्या। देश की 66% जनसंख्या गांवों में रहती है लेकिन इंटरनेट की पहुंच सिर्फ 25.3% लोगों के पास है। वहीं शहरों में यह आंकड़ा 97.9% है।
सिर्फ 16% महिलाओं तक इंटरनेट सर्विस की पहुंच
इंटरनेट की पहुंच की असमानता शहरी और ग्रामीण भारत के साथ साथ जेंडर के मामले में भी है। देश में सिर्फ 16% महिलाओं मोबाइल और इंटरनेट सर्विस का इस्तेमाल कर रही हैं। मोबाइल ऑपरेटर्स की प्रतिनिधि संस्था जीएसएमए ने अपनी 2019 की रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
- एक तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर देश में पुरुषों की तुलना में महिलाएं 56% कम मोबाइल इंटरनेट यूज करती हैं। पुरुष प्रधान समाज के साथ साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारक भी इस असमानता की प्रमुख वजह हैं।
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