पिछले 6 महीने में राजधानी 18 और शताब्दी ट्रेनें 9 फीसदी रहीं लेट, मेल और एक्सप्रेस के हाल भी बेहाल
यूटिलिटी डेस्क. चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीने में राजधानी ट्रेनें 18 फीसदी औऱ शताब्दी ट्रेनें 9 फीसदी लेट रही हैं। RTI को दिए जवाब में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में 23 फीसदी राजधानी ट्रेनें और 13 फीसदी शताब्दी ट्रेनें लेट हुई हैं। जबकि अप्रैल से सितंबर के दौरान 44 फीसदी गरीब रथ एक्सप्रेस देर से चली हैं और 53 फीसदी सुविधा एक्सप्रेस ट्रेनें लेट हुई।
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इस वित्त वर्ष में सितंबर तक रेलवे की मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें क्रमशः 74 फीसदी और 71 फीसदी समय पर चलीं। भोपाल के एक्टिविस्ट चंद्र शेखर गौर ने आरटीआई द्वारा रेलवे से 2016-17 से 2019-20 में सितंबर के बीच समय पर ट्रेन चलने की जानकारी मांगी थी।
- आंकड़ों के अनुसार, रेलवे गरीब रथ एक्सप्रेस के परफॉर्मेंस को मैनेज करने में सफल रही है। इसकी परफॉर्मेंस 2018-19 में 60 फीसदी बढ़कर 65 फीसदी हो गई है। हालांकि इस दौरान सुविधा ट्रेनों की परफॉर्मेंस पिछले वित्त वर्ष में 64.87 फीसदी से गिरकर 47 फीसदी पर आ गई। इसी तरह 2018-19 में 69.23 फीसदी मेल औऱ एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर चलीं जबकि पैसेंजर ट्रेनें 68 फीसदी रहीं।
- कैग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल ट्रेनों के देरी से चलने की वजह सरकार द्वारा 1 लाख करोड़ रुपये के स्टेशनों का रिडेवलपमेंट प्लान रही। आपको बता दें कि हाल ही में रेलवे ने ट्रेनों में सिस्टम लिंकिंग व्यवस्था को लागू किया है। ISRO के जरिए सेटेलाइट से ट्रेनों की रियल टाइम को अपडेट किया गया है ताकि ट्रेनें टाइम पर चल सकें।
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बता दें कि रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी की तरफ से चलाई जा रही पहली निजी ट्रेन दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस बीते दिनों तीन घंटे लेठ रही, जिसके कारण यात्रियों को 1.62 लाख रुपएका मुआवजादेना पड़ रहा है।
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