अगर उत्साह के साथ काम किया जाए तो मुश्किल से मुश्किल से काम में भी सफलता मिल सकती है
जीवन मंत्र डेस्क। रविवार, 13 अक्टूबर को आश्विन मास की पूर्णिमा है। त्रेता युग में इसी तिथि पर वाल्मीकि ऋषि का जन्म हुआ है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। रामायण में श्रीराम और रावण की कथा के माध्यम से सुखी और सफल जीवन के कई सूत्र बताए हैं। इन बातों का ध्यान रखने पर हम कई परेशानियों से बच सकते हैं। जानिए रामायण में बताई गई जीवन प्रबंधन की कुछ खास बातें...
- इस दुनिया में कोई भी काम मुश्किल नहीं है, कुछ भी दुर्लभ कुछ भी नहीं है, अगर उत्साह के साथ काम किया जाए तो मुश्किल से मुश्किल काम भी सफल हो सकते हैं।
- चंदन की लकड़ियां शीतलता प्रदान करती हैं, लेकिन इन लकड़ियों को रगड़ा जाए तो इनमें में आग लग जाती है, उसी तरह बहुत ज्यादा अपमान किए जाने पर ज्ञानी लोगों को भी क्रोध आ ही जाता है।
- संत समाज को दुख से बचाने के लिए कष्ट सहते हैं, जबकि दुष्ट लोग दूसरों को दुख देने के लिए संघर्ष करते हैं।
- नीच लोगों की नम्रता बहुत दुखदायी होती है। जिस प्रकार अंकुश, धनुष, सांप और बिल्ली झुककर ही वार करते हैं।
- हमारे आसपास ऐसे लोग बहुत कम हैं, जो कठोर बोलते हैं, लेकिन हमेशा हमारे हित की बात करते हैं।
- जीवन में हमेशा सुख ही मिले, यह जरूरी नहीं है। कभी-कभी दुख भी आते ही हैं।
- हमारा अहंकार सबसे बड़ा दुश्मन है। ये भाव सोने के हार को भी मिट्टी का बना देता है। रावण अहंकार के कारण ही श्रीराम के हाथों मारा गया।
- अगर हमारी इच्छाशक्ति मजबूत है तो हम कठिन से कठिन काम आसानी से पूरे कर सकते हैं।
- जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। इसीलिए माता और मातृभूमि का सदैव सम्मान करना चाहिए।
- दुख और परेशानियां जीवन के दो ऐसे मेहमान हैं, जो बिना निमंत्रण के ही आते हैं।
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