फेसबुक के लिब्रा करंसी प्रोजेक्ट से कई पार्टनरों ने हाथ खींचा: पेपाल, मास्टरकार्ड, वीजा, ईबे भी हटे
एरिन ग्रिफिथ, नथानियल पॉपर. फेसबुक की अपनी डिजिटल करंसी लिब्रा लॉन्च करने की पहल को नया झटका लगा है। प्रमुख भागीदारों का प्रोजेक्ट से अलग हटना जारी है। एक सप्ताह पहले पेपाल के पीछे हटने के बाद स्ट्राइप, मास्टरकार्ड, वीजा और ईबे ने कहा है कि वे भी हाथ खींच रहे हैं। इन कंपनियों का कहना है, वे लिब्रा के आइडिया का समर्थन तो करते हैं लेकिन वे इसका हिस्सा नहीं रहेंगे।
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ईबे के प्रवक्ता ने बताया, कंपनी ने संस्थापक सदस्य के बतौर आगे नहीं बढ़ने का फैसला लिया है। मास्टरकार्ड ने कहा, वह अपनी स्वयं की रणनीति पर फोकस कर रही है। हम दुनिया में लेन-देन में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। वीजा ने कहा, भविष्य में हमारी भागीदारी लिब्रा के सभी जरूरी कानूनों और नियमों का पालन करने की स्थिति से संतुष्ट होने पर निर्भर है। स्ट्राइप के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखेंगे। इसके बाद लिब्रा से जुड़ने का विकल्प खुला रखेंगे।
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इस बीच शुक्रवार को अमेरिकी रेगुलेटरों ने इनक्रिप्टेड मैसेजिंग कंपनी टेलीग्राम को उसकी क्रिप्टोकरंसी- ग्राम जारी करने से रोकने का अस्थायी आदेश जारी किया है। इन दो घटनाक्रमों से कानूनी नियंत्रण के बिना लॉन्च होने वाली डिजिटल करंसी के इर्दगिर्द जारी अनिश्चितता का पता लगता है। फेसबुक द्वारा जून में लिब्रा प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद से उस पर संदेह और सवाल उठते रहे हैं। फेसबुक का कहना है, लिब्रा से उसके मैसेंजर, व्हाट्सएप जैसे प्लेटफार्म पर लेनदेन किया जा सकेगा। उसने 27 कंपनियों को पार्टनर बनाने की जानकारी दी थी।
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वैसे, कई देशों के नेताओं ने बिना नियंत्रण की करंसी के आइडिया की आलोचना की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और कोषालय के मंत्री स्टीवन मनचिन ने भी सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि यों भी फेसबुक नियमों को लेकर कई अन्य मसलों से जूझ रही है। इस स्थिति में क्या उसे ऐसी पहल करनी चाहिए?
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टेलीग्राम भी अपनी डिजिटल करंसी ग्राम लॉन्च करने की योजना आगे बढ़ा रही है। उसके मैसेजिंग प्लेटफार्म का लगभग 30 करोड़ व्यक्ति उपयोग करते हैं। कंपनी ने 2017 में प्रोजेक्ट के लिए पैसा जुटाना शुरू किया था। सिलिकॉन वैली के कई इन्वेस्टरों जैसे बेंचमार्क, लाइटस्पीड और सेक्यूओइया ने उसमें 1.7 अरब डॉलर लगाए हैं। 31 अक्टूबर को करंसी लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन, सिक्यूरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने कहा, वह अस्थायी रोक का आदेश जारी कर रही है। कमीशन का कहना है, ग्राम को इन्वेस्टमेंट कांट्रेक्ट या सिक्यूरिटी के रूप में रजिस्टर्ड होना चाहिए। इन्वेस्टरों को वित्तीय जानकारी नहीं दी गई है। उसने कहा है, टेलीग्राम को अपना गलत तरीके से जुटाया धन वापस लौटाना चाहिए। उसे पेनाल्टी देनी होगी। कमीशन के डायरेक्टर स्टीफेनी एवाकिएन ने कहा, हमने टेलीग्राम को डिजिटल टोकन जारी करने से रोकने के लिए आदेश जारी किया है। करंसी के टोकन गैरकानूनी तरीके से बेचे गए हैं। टेलीग्राम पहले अपनी सेवा बंद करने के रूसी और ईरानी सरकार के आदेशों की अनदेखी कर चुकी है।
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जुलाई में फेसबुक के चीफ एक्जीक्यूटिव डेविड मार्कस से अमेरिकी संसद (कांग्रेस) ने दो दिन तक सवाल किए थे। 23 अक्टूबर को कंपनी के प्रमुख मार्क जकरबर्ग को संसद के सामने लिब्रा पर सुनवाई में हाजिर होना है। अभी हाल के महीनों में लिब्रा पर संदेह उठते रहे हैं। स्थिति की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पार्टनरों ने महसूस किया है, प्रोजेक्ट में पूर्व अनुमान से अधिक पैसा लगने की संभावना है।
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