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लगातार फ्रीलांस काम के लिए याद रखें ये 5 बातें

यूटिलिटी डेस्क. क्या आपने फ्रीलांसिंग जॉब शुरू कर दिया है? अगर हां, तो आपने अपना रैगुलर जॉब छोड़ दिया होगा और सुविधानुसार फ्रीलांसिंग जॉब कर रही होंगी। हालांकि, फ्रीलांसर होना बहुत आसान भी नहीं। यह मुश्किल शुरुआती दौर में ही आती है, जब फ्रीलांसिंग के लिए क्लाइंट ढूंढने होते हैं। बतौर फ्रीलांसर आप जानती ही होंगी कि आज का माहौल कितना प्रतिस्पर्धी है। आपकी छोटी-सी गलती का अर्थ होगा, किसी और फ्रीलांसर के लिए रास्ता खोल देना। अगर आप रैगुलर काम पाना चाहती हैं, तो आपको सबसे बेहतर सर्विस देनी होगी, क्लाइंट्स को संतुष्ट रखना होगा और उनके उद्देश्य पूरे करने होंगे। इसके बदले में आप भी जीवन में बतौर फ्रीलांसर अपना लक्ष्य हासिल कर सकेंगी। यहां क्लाइंट्स को बनाए रखने के लिए कुछ टिप्स दी जा रही हैं -

  1. अपने क्लाइंट से लगातार बात कर उसकी कंपनी के गोल और डेडलाइन पर चर्चा करते रहें। किसी भी रिश्ते में, चाहे वह निजी हो या प्रोफेशनल, अपनी बात को स्पष्ट रूप से रखें। फ्रीलांसिंग काम की शुरुआत में ही अपने क्लाइंट को अपने काम के उद्देश्य, लक्ष्य की जानकारी, आप कैसे रिपोर्ट करेंगी, कैसे डेडलाइन पर काम करेंगी, इन सबके बारे में स्पष्ट बात कर लेनी चाहिए। साथ ही यह भी जानना चाहिए कि क्लाइंट किन पैमानों पर आपकी परफॉर्मेंस का आंकलन करेंगे, कितना पैसा देंगे, पेमेंट का तरीका क्या होगा, कब तक पेमेंट दिया जाएगा आदि। इस सबके अलावा भी आपको क्लाइंट से लगातार जुड़े रहना चाहिए ताकि उसे लगे कि आप भी उसकी कंपनी का हिस्सा हैं।

  2. कई फ्रीलांसर्स को लगता है कि चूंकि वे समय पर काम पूरा कर रहे हैं और क्लाइंट उन्हें लगातार काम दे रहा है, तो इसका मतलब है कि उनका काम पर्फेक्ट है। लेकिन आपको हमेशा गहराई से फीडबैक लेना चाहिए। इससे आप अपना काम बेहतर बना सकती हैं। अगर फीडबैक मिलता भी है तो उसे सकारात्मक रूप से ही लेना चाहिए और काम की गुणवत्ता सुधारने में इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि फीडबैक एकतरफा नहीं हो। आप अपना दृष्टिकोण भी साझा कर सकती हैं और सुझाव दे सकती हैं।

  3. भले ही आप किसी काम की एक्सपर्ट हों लेकिन फिर भी जरूरत पड़ने पर क्लाइंट की सलाह लेने में हिचकें नहीं। जब क्लाइंट कोई ऐसा काम दें जिसका आपको पहले अनुभव न रहा हो, तो ऐसे में उनके साथ पारदर्शिता रखें। क्लाइंट का गाइडेंस लेते रहें इससे नई चुनौतियों का सामने करने का आत्मविश्वास मिलेगा।

  4. जब आप किसी क्लाइंट के साथ शुरुआत करती हैं तो यह स्वाभाविक है कि वह आपके साथ वैसा जुड़ाव महसूस न करे, जैसा वह पुराने फ्रीलांर्स या इन-हाउस कर्मचारी के साथ महसूस करता है। इसलिए आप उसके साथ ई-मेल या फोन के जरिए जुड़े रहें। संभव हो तो महीने में एक बार मिलें भी। काम में और कंपनी में रुचि दर्शाती रहें। क्लाइंट को बताएं कि आप काम की कितनी परवाह करती हैं।

  5. भले ही आप घर से काम कर रही हैं लेकिन मीटिंग जैसी स्थितियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहें। अगर खुद मिलना संभव न हो तो कम से कम जल्द जवाब जरूर दें। किसी नई कंपनी के लिए काम कर रही हैं तो बजट को लेकर थोड़ा लचीलापन रखें। कंपनी आगे बढ़ेगी तो आपको भी लाभ मिलेगा। विश्वास का रिश्ता कायम होगा, जो आगे जाकर ज्यादा काम और ज्यादा पैसे में तब्दील हो सकता है।



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      प्रतीकात्मक फोटो


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