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बेटियों को कम उम्र में निवेश की शुरुआत जरूरी

यूटिलिटी डेस्क. जब निवेश की बात आती है तो माना जाता है कि इसकी शुरुआत जितनी जल्दी की जाए, उतना बेहतर होता है। बच्चे हर मामले में अपने पैरेंट्स का अनुसरण करने की कोशिश करते हैं। अगर आप सही समय पर सही निवेश करती हैं, तो आपके बच्चे भी ऐसा कर सकते हैं। खासतौर पर बेटियों को जल्द निवेश की शुरुआत करना बेहद जरूरी है। फिर चाहे वो स्टॉक्स में हो, बॉन्ड्स में, रियल स्टेट, बिजनेस या फिर कोमोडिटीज में। जल्द शुरुआत ज्यादा सफलता को सुनिश्चित कर सकती है। यहां इसके दो कारण दिए जा रहे हैं कि बेटियों को निवेश की शुरुआत जल्द करना क्यों जरूरी है?

  1. अगर बेटी अभी-अभी कॉलेज से निकली है तो उसे यह कारण पसंद आ सकता है। स्कूल या कॉलेज में सभी को चक्रवर्ती ब्याज (कंपाउंड इंटरेस्ट) जरूर पढ़ाया जाता है। इसमें आपने देखा होगा कि जितने समय के लिए पैसा कंपाउंड होता, उतनी ज्यादा उसकी कीमत बढ़ती है। उदाहरण के लिए अगर 25 वर्ष की उम्र से रिटायरमेंट की उम्र (60 वर्ष) तक निवेश करती हैं तो 35 वर्ष निवेश करेंगी। लेकिन अगर आप 30 की उम्र में निवेश करती हैं तो यह 30 साल के लिए होगा। लेकिन इस 5 साल के अंतर से कितना फर्क पड़ेगा? आइए समझते हैं।

    • मान लीजिए दो सहेलियां हैं, अनन्या और तान्या। अनन्या 25 की उम्र में 5000 रुपए महीने का निवेश शुरू करती है, वहीं तान्या ऐसा 30 की उम्र में करती है। तो दोनों जब 60 साल की हो जाएंगी तब उनके पास कितना पैसा होगा। हम मानते हैं कि रिटर्न की औसत दर प्रति वर्ष 12 फीसदी रहती है तो अनन्या के पास 2.76 करोड़ रुपए होंगे, वहीं तान्या के पास 1.54 करोड़ रुपए। यानी पांच साल के छोटे से अंतर में अनन्या को 1.8 गुना ज्यादा पैसा मिला। करीब 1.22 करोड़ रुपए ज्यादा।
  2. शुरुआत से ही अगर पूरी सैलेरी को खर्च कर देने की आदत हो जाए, तो बाद में खर्चों में कटौती कर बचत करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए नौकरी की शुरुआत से ही निवेश की आदत डालना बेहतर है। दुनिया के प्रसिद्ध निवेशक वारन बफे कहते हैं 'खर्च करने के बाद जो बच जाए उसकी बचत न करें, बचत करने के बाद जो बच जाए, उसे खर्च करें'। इसे ही अपना मंत्र बनाएं और बचत को आदत और अनुशासन बनाएं। बचाया हुआ पैसा लाभ भी देगा और जरूरत पर काम भी आएगा। खासतौर पर यह आपकी बेटियों को स्वतंत्र बनाएगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा। युवा होने पर जोखिम भी ज्यादा उठाया जा सकता है। बाजार के चढ़ने-उतरने को सहा और समझा जा सकता है। इससे इक्विटी में लंबे समय के लिए निवेश करना आसान हो जाता है, जिसमें ज्यादा रिटर्न की संभावना होती है।

  3. छोटी-सी शुरुआत भी की जा सकती है। 25 वर्ष की उम्र में इक्विटी म्यूचुअल फंड में केवल 1000 रुपए प्रतिमाह की एसआईपी शुरू कीजिए। यह अगर 12 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से बढ़ता है तो रिटायरमेंट तक करीब 6 लाख रुपए अतिरिक्त जोड़े जा सकते हैं। यह है कंपाउंडिंग की शक्ति।



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      early start of investment is good for woman


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