अबुधाबी लीग के लिए एनओसी रद्द होने पर हफीज के बागी तेवर, बोले- 'अगर कोई गया तो मैं भी वहां जाऊंगा'
खेल डेस्क. पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफीज ने बागी तेवर दिखाते हुए पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें बोर्ड ने अबुधाबी टी10 लीग के लिए खिलाड़ियों को जारी की एनओसी (गैर आपत्ति प्रमाणपत्र) को रद्द कर दिया था। उनका कहना है, 'पहले तो उन्होंने एनओसी दी और फिर इसे वापस ले लिया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा, लीग को लेकर बोर्ड की नीति स्पष्ट होना चाहिए।' हफीज का साफ कहना है कि अगर कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी टी10 लीग में खेलने गया तो वे भी वहां जाएंगे।
फैसले से नाराज हफीज ने कहा, 'मैं बोर्ड की केंद्रीय अनुबंध सूची में नहीं हूं, ना ही मेरा चयन पाकिस्तानी टीम में हुआ है और ना ही मेरे साथ बोर्ड का कोई अल्पकालिक अनुबंध है, यहां तक कि मैं तो घरेलू क्रिकेट में प्रथम श्रेणी मैच भी नहीं खेल रहा हूं। इसलिए मैं वहां जाकर उस लीग में खेलना चाहता हूं।'
अगर कोई गया तो मैं भी जाऊंगा
आगे उन्होंने कहा, 'या तो वे हर एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को लीग में खेलने से रोकें या फिर जो वहां जाना चाहता है उसे जाने दें। मैं दुनियाभर की लीगों में खेलता हूं और आखिरकार में भी आयोजकों के प्रति जवाबदेह भी हूं। अगर मैं नहीं जाऊंगा तो फिर कोई नहीं जाना चाहिए, लेकिन अगर पीसीबी किसी को जाने की अनुमति देता है तो मैं भी जाऊंगा, क्योंकि उन्होंने पहले मुझे एनओसी जारी की थी।'
पाकिस्तान से सिर्फ अफरीदी और नजीर जा सकते हैं
हफीज बागी तेवर इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि भले ही उनका नाम पीसीबी की केंद्रीय अनुबंध सूची में शामिल नहीं है, लेकिन इसके बाद भी वे टी10 लीग में नहीं खेल सकते। क्योंकि पीसीबी के नियमों के मुताबिक एक खिलाड़ी अनुबंध खत्म होने के अगले छह महीनों तक अनुबंध की शर्तों से बंधा रहता है। जिसकी वजह से संन्यास ले चुके सिर्फ दो पाकिस्तानी खिलाड़ी शाहिद अफरीदी और इमरान नजीर ही वहां खेल सकेंगे। इस लीग के लिए हर प्लेयर 10 दिन में करीब 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपए कमा सकता है।
पीसीबी ने घरेलू क्रिकेट को वजह बताया
पीसीबी ने शुरू में हफीज समेत 15 खिलाड़ियों को इस महीने होने वाली टी10 लीग के लिएएनओसी जारी की थी, हालांकि बाद में उसे रद्द कर दिया। बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना और शिविरों में भाग लेना जरूरी है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी दूसरी वजह बताई गई, जिसके मुताबिक पीसीबी को लगता है कि यह आयोजन भारत के सहयोग से हो रहा है। लिहाजा, वो अपने प्लेयर्स को वहां खेलने की इजाजत नहीं देना चाहती।
अमीरात बोर्ड ने पीसीबी से फैसला बदलने का आग्रह किया
पीसीबी के यू-टर्न के बाद अमीरात क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के नहीं खेलने से लीग को बड़ा नुकसान होगा। एक प्रमुख क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी ने इस मामले को लेकर बीते हफ्ते पीसीबी अध्यक्ष एहसान मनी को एक चिट्ठी भी लिखी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि इस फैसले से यूएई सरकार के हितों को भी सीधा नुकसान पहुंचेगा, जिसकी टूर्नामेंट में सीधी हिस्सेदारी है, साथ ही उन्होंने पीसीबी से अपना फैसला बदलने का आग्रह भी किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद मनी ने जरूनी को फोन लगाकर इस फैसले के पीछे प्रधानमंत्री की भूमिका के बारे में बताया साथ ही उन्हें यूएई के एक वरिष्ठ मंत्री के माध्यम से सीधे इमरान खान से बात करते हुए हल निकालने की सलाह दी।
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