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वित्तीय लेन-देन में आपकी पहचान होता है पैन कार्ड

यूटिलिटी डेस्क. किसी भी भारतीय नागरिक के लिए पैन कार्ड एक जरूरी दस्तावेजों में से एक है। जिस तरह आधार कार्ड आपके लिए जरूरी है, उसी तरह पैन कार्ड भी बहुत जरूरी है। PAN यानी परमानेट अकाउंट नंबर वाला यह कार्ड आपके वित्तीय लेन-देन और आईडी प्रूफ के तौर पर बड़ी भूमिका निभाता है। जब बड़ी राशि का लेन-देन होता है तो लेने और देने वाला इसका एक रिकॉर्ड रखता है जो वर्तमान में बगैर पैन कार्ड के संभव नहीं। आपके इस अकाउंट नंबर के माध्यम से सरकार के पास भी रिकॉर्ड रहता है कि आप आयकर अदा की हुई राशि से ही लेन-देन कर रहे हैं। बड़े ट्रांजेक्शन में पैन कार्ड नंबर दर्ज होने से आपसे कोई पूछताछ नहीं होगी।

  1. पैन या स्थायी खाता संख्या 10 अंकों वाला एक अल्फान्यूमेरिक पहचान संख्या है, जिसे आयकर विभाग जारी करता है। अगर आपने दो पैन बनवाए हैं तो आपके ऊपर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 272-बी के तहत 10000 रुपए का शुल्क लगाया जा सकता है। आयकर विभाग के अनुसार, पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन एनएसडीएल (नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) और यूटीआईटीएसएल (यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लि.) की वेबसाइट के जरिये किए जा सकते हैं। पैन कार्ड बनाने के लिए कई बार आपको चक्कर काटने पड़ते हैं और सरकार द्वारा तय शुल्क से ज्यादा खर्च करना पड़ता है।

  2. विदेशी मुद्रा का लेन-देन करते समय, टेलिफोन के लिए आवेदन करते समय।

    • बैंक अकाउंट खोलने, टैक्स का भुगतान, टीडीएस कटौती से लेकर 5 लाख या उससे अधिक की अचल संपत्ति खरीदने तक पैन जरूरी है। पैन के जरिये करदाता अपने लेन-देन को लिंक कर सकता है।
    • किसी वित्तीय संस्थान में टाइम डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट 50,000 रुपए से अधिक की धनराशि जमा कराने की सूरत में, वहीं पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में भी 50,000 से अधिक की नकदी जमा कराने पर पैन का उल्लेख करना होता है।
    • होटल एवं रेस्तरां में 25,000 रु. से अधिक के बिल के लिए भी यह अनिवार्य है।
    • आयकर विभाग के मुताबिक बैंक ड्राफ्ट की नकद खरीद, पे ऑर्डर या एक दिन में 50,000 या उससे अधिक के बैंकर्स चेक के लिए भी पैन लगता है।
    • क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड प्राप्त करने के लिए भी यह जरूरी है।
    • एक लाख से अधिक कीमत वाली सिक्योरिटी की खरीद और म्यूचुअल फंड्स यूनिट्स की खरीद पर किए जाने वाले 50,000 रुपए या इससे अधिक के भुगतान पर भी पैन कार्ड की जानकारी देनी होती है।
    • आप किसी कंपनी के डिबेंचर या बॉण्ड खरीदने के लिए भी इतना ही पेमेंट कर रहे हैं तो भी यह जरूरी है।


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