घर में स्थापित देवी-देवताओं के साथ ही अपने कुल देवता और कुल देवी की भी पूजा जरूर करें
जीवन मंत्र डेस्क। जिन घरों में नियमित रूप से पूजा की जाती है, वहां का वातावरण सकारात्मक रहता है। पूरी एकाग्रता से पूजा करने वाले भक्तों को शांति मिलती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। पूजा के संबंध में कई नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करने पर पूजा जल्दी सफल हो सकती है। यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. सुनील नागर के अनुसार पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
- घर में रोज कुल देवता, कुल देवी, घर के वास्तु देवता, ग्राम देवता आदि की भी पूजा जरूर करनी चाहिए।
- किसी भी भगवान की पूजा में उनका आवाहन करना, ध्यान करना, आसन देना, स्नान करवाना, धूप-दीप जलाना, चावल, कुमकुम, चंदन, पुष्प, प्रसाद आदि अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
- पूजा के लिए ऐसे चावल का उपयोग करना चाहिए जो खंडित या टूटे हुए ना हो। चावल चढ़ाने से पहले इन्हें हल्दी से पीला कर लेना चाहिए। पानी में हल्दी घोलकर उसमें चावल को डूबो कर पीला किया जा सकता है।
- पूजन में पान का पत्ता भी अर्पित किया जाता है। ध्यान रखें कि केवल पान का पत्ता अर्पित ना करें, इसके साथ इलाइची, लौंग, गुलकंद आदि भी चढ़ाना चाहिए। पूरा बना हुआ पान अर्पित करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा।
- देवी-देवताओं के सामने घी और तेल, दोनों के ही दीपक जलाने चाहिए। यदि आप प्रतिदिन घी का दीपक घर में जलाएंगे तो घर के कई वास्तु दोष दूर हो जाएंगे।
- पूजन में हम जिस आसन पर बैठते हैं, उसे पैरों से इधर-उधर खिसकाना नहीं चाहिए। आसन को हाथों से ही खिसकाना चाहिए।
- देवी-देवताओं को हार-फूल, पत्तियां आदि अर्पित करने से पहले एक बार साफ पानी से जरूर धो लेना चाहिए।
- घर में या मंदिर में जब भी कोई विशेष पूजा करें तो इष्टदेव के साथ ही स्वस्तिक, कलश, नवग्रह देवता, पंच लोकपाल, षोडश मातृका, सप्त मातृका का पूजन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
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