सिंगल महिलाओं के लिए रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा के लिए सही फाइनेंशियल प्लानिंग जरूरी
यूटिलिटी डेस्क. शोध बताते हैं कि महिलाएं पुरुषों से ज्यादा जीती हैं। इसे अगर आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो महिलाओं को ज्यादा लंबे समय के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करने की जरूरत है। सिंगल महिलाओं को अक्सर अपना रिटायरमेंट और बचत की योजना बनाने में संघर्ष करना पड़ता है। इस स्थिति से बचने के लिए सही समय पर प्लानिंग जरूरी है। यहां कुछ टिप्स दी जा रही हैं, जिनसे सिंगल महिलाएं रिटायरमेंट के दौरान भी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।
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अपने रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ने का सही वक्त कल था और अगला सबसे अच्छा समय आज है। आप जितने जल्दी शुरुआत करेंगी, आपको उतना ज्यादा कम्पाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की शक्ति का फायदा मिलेगा। आदर्श रूप से हर महीने अपनी सैलरी का 10 से 15 फीसदी रिटायरमेंट के लिए बचाना चाहिए। अगर अभी इतने की क्षमता नहीं है तो छोटी राशि से शुरुआत कर सैलरी के बढ़ने के साथ धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं। आप म्यूचुअल फंड जैसे सुरक्षित तरीकों से भी पैसा बढ़ा सकती हैं। इसमें भी आप लंबी अवधि के लक्ष्य हासिल करने के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकती हैं। अगर कोई नियमित नौकरी नहीं भी करती हैं तो 500 रुपए जैसी छोटी राशि से भी एसआईपी (सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान्स) में निवेश किया जा सकता है।
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रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ने के अलावा नौकरी जाने जैसी आपको आपातकालीन स्थिितयों के लिए एक वित्तीय सुरक्षा तंत्र भी बनाना चाहिए। यह इमरजेंसी फंड आपके कम से कम 6 महीने के वेतन के बराबर होना चाहिए। इसके अलावा अपनी आय को सुरक्षित करने के लिए डिसेबिलिटी इंश्योरेंस लेना भी अच्छा विकल्प है।
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लॉन्ग टर्म हेल्थ इंश्योरेंस (केयर इंश्योरेंस) लेना भी एक अच्छा आइडिया है, खासतौर पर सिंगल महिलाओं के लिए। ऐसा हो सकता है कि उम्रदराज होने के बाद आपको इसकी जरूरत पड़े, खासतौर पर तब, जब आपकी देखभाल के लिए कोई मौजूद न हो। हालांकि ऐसे लॉन्ग-टर्म हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम की कीमत ज्यादा होती है लेकिन इसे जितने जल्दी ले लेंगे, उतना कम कीमत पर यह मिल सकता है।
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अगर आप खुद से अपनी वित्तीय योजनाएं बनाने में आत्मविश्वास महसूस नहीं करती हैं तो किसी पेशेवर की मदद जरूर लें। आप किसी दोस्त की मदद भी ले सकती हैं, जो ऐसी ही स्थिति में हो। इससे दोनों मिलकर अपनी वित्तीय योजनाएं बना सकते हैं और पूरी प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं।
- आपने जितने साल काम करने की योजना बनाई है, उसमें कुछ साल जोड़कर भी आप अपनी रिटायरमेंट के लिए बेहतर राशि जोड़ सकती हैं। अपनी जरूरत को ओवरइस्टीमेट करना यानी यह सोचना कि आपको जरूरत से ज्यादा पैसों की आवश्यकता होगी, अच्छा होता है। ज्यादा उम्र तक काम करना इसमें भी मदद कर सकता है।
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