Breaking News

देवउठनी एकादशी की शाम तुलसी के पास जलाएं दीपक और बोलें तुलसी नामाष्टक मंत्र

जीवन मंत्र डेस्क। शुक्रवार, 8 नवंबर को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इस तिथि पर तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराने की परंपरा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार तुलसी को पूजनीय और पवित्र माना गया है। रोज तुलसी के पास दीपक जलाने से घर के वास्तु दोष खत्म होते हैं और सकारात्मकता बनी रहती है। जानिए देवउठनी एकादशी पर किस तरह तुलसी की सरल पूजा की जा सकती है और पूजा में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए...
तुलसी को चढ़ाना चाहिए जल
तुलसी पूजा करने से भगवान विष्णु की प्रसन्नता मिलती है। तुलसी को रोज जल चढ़ाना चाहिए। सूर्यास्त के बाद तुलसी के बाद दीपक जलाना चाहिए।
देवउठनी एकादशी पर ऐसे करें तुलसी की पूजा
इस दिन तुलसी के आसपास साफ-सफाई और पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए। स्नान के बाद तुलसी को जल चढ़ाएं। हल्दी, दूध, कुंकुम, चावल, भोग, चुनरी आदि पूजन सामर्गी अर्पित करें।
सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं। कर्पूर जलाकर आरती करें।
आप चाहें तो इस दिन तुलसी और शालिग्राम का विवाह भी करवा सकते हैं। अगर ये नहीं कर सकते हैं तो तुलसी की सामान्य पूजा भी की जा सकती है।
घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए प्रार्थना करें। तुलसी नामाष्टक का पाठ करें।
तुलसी नामाष्टक मंत्र
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। यः पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलमेता।।
तुलसी से वातावरण होता है शुद्ध
तुलसी का सबसे प्रमुख गुण है शुद्धता। तुलसी अपने आस-पास के वातावरण शुद्ध बनाती है। इसकी वजह से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, वास्तु के दोष भी दूर होते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
tulsi vivah 2019, devuthani ekadashi 2019, dev prabodhini ekadashi, dev uthani ekadashi pujan


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2WSLCNf

No comments