Breaking News

पॉलिसी चुनने से पहले क्लेम रेशो जरूर परखें

यूटिलिटी डेस्क. जीवनशैली में परिवर्तन, प्रदूषित वातावरण के साथ ही खान-पान में अनियमितता के चलते आज हर व्यक्ति किसी न किसी छोटी-बड़ी बीमारी से ग्रस्त है। यदि आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है तो इलाज कराने में जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। हेल्थ इंश्योरेंस, इसे लेने वाले को बीमारी, दुर्घटना या मृत्यु आदि स्थिति में आर्थिक सहायता देता है। आप किसी भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि उस कंपनी का क्लेम रेशो क्या है। यानी वह कंपनी कितने प्रतिशत पॉलिसीधारकों का क्लेम मंजूर करती है।

यदि आपको हेल्थ इंश्योरेंस चाहिए तो कितने हजार या लाख रुपए की कीमत के बीमा कवर की आपको आवश्यकता है, इसका भी आकलन कर लेना चाहिए। यदि गंभीर रोग के लिए बीमा कवर लेना चाहते हैं तो यह भी जरूर पता कर लें कि कौन-कौन सी बीमारियों का बीमा कितने रुपए में कवर होता है और सालाना कितनी राशि प्रीमियम के रूप में आपको जमा करनी पड़ सकती है। वैसे स्पिलिटिंग पॉलिसी आपके लिए लाभदायक हो सकती है। कीमत के लिहाज से, परिवार के सबसे बड़े सदस्य के लिए अलग से पॉलिसी ली जा सकती है। वैसे सामान्यत: सभी बीमा कंपनियां बीमाधारक के साथ, उसकी पत्नी व दो बच्चों को एक ही पॉलिसी में कवर करती हैं। वहीं, कुछ पॉलिसी में आप पर आश्रित माता-पिता को भी कवर किया जाता है, लेकिन उसकी सालाना प्रीमियम काफी अधिक होती है। यह प्रीमियम उम्र के पड़ाव के हिसाब से अलग-अलग होती है।


ऐसे होता है निर्धारण
पॉलिसी की टोटल कवरेज कीमत का निर्धारण, परिवार के लोगों की संख्या (जिन्हें इस पॉलिसी के माध्यम से कवर करना है), धारक की बीमारी, साथ ही वर्तमान में विभिन्न स्रोतों से मिलने वाले कवरेज को ध्यान में रखकर होती है। पॉलिसी लेने वाले के लिए यह जरूरी है कि वह परिवार के लिए ली जाने वाली पॉलिसी के साथ, स्वयं की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी भी खरीदे। वेतनभोगी लोगों को यह बताना जरूरी है कि उनके ऑफिस द्वारा दिया जाने वाला हेल्थ इंश्योरेंस तभी तक मान्य होता है, जब तक वह वहां नौकरी कर रहा होता है।


इसलिए जरूरी है यह स्कीम
हर कोई व्यक्ति विभिन्न तरह के स्वास्थ्य खतरों से घिरा हुआ है। यदि आपके पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है और आप अस्पताल में भर्ती किए जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको अपनी जेब से भारी बिलों का भुगतान करना पड़ सकता है। इसका मतलब साफ है कि आपकी बचत शून्य हो जाएगी। यदि आपके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, तो आपको अपना उपचार कराने के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य बीमा आपके बचाव में, आपकी आर्थिक सहायता के रूप में सामने आता है



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ODs1g0

No comments