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अन्नपूर्णा जयंती 12 को मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मां पार्वती ने लिया अन्नपूर्णा देवी का रूप

जीवन मंत्र डेस्क. मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के दिन अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पं गणेश मिश्रा के अनुसार इस तिथि पर माता पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप धारण किया था। इस वर्ष ये 12 दिसंबर को है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन रसोईघर में चूल्हे आदि का पूजन करने से घर परिवार में कभी भी अन्न और धन-धान्य की कमी नहीं रहती। वैसे तो अन्न का अनादर कभी नहीं करना चाहिए, लेकिन इस दिन खास सावधानी बरतनी चाहिए। माना जाता है कि इस दिन रसोई, चूल्हे आदि का पूजन करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती और देवी की कृपा हमेशा बनी रहती है।

  • पूजन विधि
  1. माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। इसलिए इस दिन रसोई घर साफ रखना चाहिए और गंगा जल छिड़ककर घर को शुद्ध करना चाहिए।
  2. इसके बाद भोजन पकाने वाले चूल्हे का हल्दी, कुमकुम, चावल, पुष्प, धूप और दीपक जलाकर पूजन करें।
  3. इसके बाद रसोई में ही माता पार्वती एवं भगवान शंकरजी की पूजा भी करें।
  4. मां अन्नपूर्णा की पूजा भी रसोई घर में ही उपरोक्त विधि से करते हुए प्रार्थना करें कि हे माता हमारे घर-परिवार में सदैव अन्न जल भरा रहे।
  5. पूजन करने के बाद अपने घर में बना हुआ भोजन गरीबों को जरूर खिलाएं।
  • ऐसे हुई थी उत्पत्ति
  1. एेसी मान्यता है कि एक समय जब धरती पर पानी और अन्न समाप्त होने लगा जिससे चारों ओर हाहाकार मचने लगा तब मनुष्यों ने अन्न की समस्या से मुक्ति के लिए भगवान ब्रह्माजी एवं विष्णुजी की आराधना प्रारंभ कर दी।
  2. मनुष्यों की करुण पुकार सुनकर श्री ब्रह्म देव एवं श्री विष्णु जी ने आदिदेव भगवान शिवजी की आराधना कर उन्हें योग मुद्रा से जगाया।
  3. भगवान शिव ने पृथ्वी का भ्रमण किया और इसके बाद माता पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप और भगवान शिव ने भिक्षु का रूप धारण किया।
  4. भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा लेकर पृथ्वी वासियों के बीच वितरित की। तभी से सभी देवों के साथ धरती के मनुष्यों ने भी मां अन्नपूर्णा की पूजा आराधना आरंभ कर दी।
  5. जिस दिन मां अन्नपूर्णा की उत्पत्ति हुई, वह मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा थी। इसी कारण मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस दिन अन्न दान का विशेष महत्व है।


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Mother Parvati took the form of Annapurna Devi on Margashirsha Purnima on Annapurna Jayanti 12


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