सुरक्षित रिटर्न पाने के लिए टॉप-250 स्टॉक्स फंड में निवेश अच्छा विकल्प
यूटिलिटी डेस्क. देखा जाता है कि ग्राहक सस्ते सामान में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। यह रुझान शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में भी होता है। निवेशक पेनी यानी सस्ते स्टॉक्स में खरीदारी कम समय में ज्यादा मुनाफा हासिल करना चाहते हैं। लेकिन, निवेशकों को एक बात यह याद रखनी चाहिए कि उचित मूल्य पर अच्छी चीज खरीदना बेहतर होता है, न कि कम मूल्य पर किसी भी चीज को। इसलिए जब हम निवेश करें तो यह जरूर देखें कि कहां अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्टॉक एक्सचेंजों ने बाजार पूंजीकरण के आधार पर पहली 100 कंपनियों को लार्ज कैप के रूप में जबकि उनसे अगली 150 कंपनियों को मिड कैप के रूप में परिभाषित किया है। इन कंपनियों में निवेश को सुरक्षित माना जाता है।
किसी म्यूचुअल फंड के पास लार्ज और मिड कैप फंड की कोई स्कीम है तो इसका अर्थ यह हुआ कि यह एक ऐसी ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम होती है जो लार्ज एवं मिड कैप दोनों स्टॉक्स में निवेश करती है। बदलते हुए बाजार चक्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियम आधारित डाइवर्सिफिकेशन, लार्ज कैप की स्थिरता और मिड कैप की वृद्धि प्रदान करने का उद्देश्य इस तरह की स्कीमों का होता है। इसमें क्वालिटी, आउटलुक और वैल्यूएशन (क्यूओवी) प्रक्रिया से बेहतर रिटर्न के लिए स्टॉक्स का चयन किया जाता है।
इस तरह की स्कीमों में सभी बाजार चक्रों का लाभ मिलता है, जिसके लिए डायवर्सिफिकेशन के नजरिए की जरूरत होती है और यह डायवर्सिफिकेशन फंड मैनेजर करते हैं। यह कंपनियां अग्रणी बिजनेस वाली और स्थापित होती हैं। शीर्ष 250 कंपनियों के पास मार्केट कैपिटलाइजेशन का 87 फीसदी हिस्सा होता है। लार्ज एंड मिड कैप फंडों के पास 70 फीसदी अलोकेशन लार्ज एवं मिड कैप कंपनियों में होता है।
टॉप डाउन और बॉटम अप रणनीति का मेल जोल जरूरी
जोखिम को कम करने के लिए डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो पर लक्ष्य केंद्रित किया जाता है साथ ही एक ऐसी पोर्टफोलियो को विकसित करने का उद्देश्य होता है जिनका एक्सपोजर करीबन 35-35 फीसदी लार्ज कैप और मिड कैप में हो। साथ ही इनमें टॉप डाउन और बॉटम अप रणनीति का मेल जोल हो जो रिसर्च एवं आउटलुक पर आधारित हो।
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