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स्मॉल कैप से मिल सकता है ज्यादा रिटर्न, लेकिन इसमें जोखिम भी रहता है ज्यादा

यूटिलिटी डेस्क. शेयर बाजार में ट्रेडिंग का सबसे बड़ा सच है कि जहां जोखिम अधिक होता है वही ज्यादा मुनाफे की संभावना भी अधिक होती है। हालिया समय में बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचे हैं। ऐसे में कौन सी कैटेगरी होगी जिसमे आपको मुनाफा अच्छा हो सकता है? स्मॉलकैप, मिडकैप या लार्जकैप?


मार्केट कैपिटल के आधार पर तीन मुख्य कैटेगरी होती है

लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप। लार्ज कैप कंपनियां आमतौर पर ब्लू-चिप कंपनियां होती हैं जो धीमी विकास दर दिखाती हैं लेकिन स्मॉल कैप कंपनियों की तुलना में अधिक सुरक्षित होती हैं। इन कंपनियों में अचानक ऐसे परिवर्तन नहीं होते हैं जो इनकी नींव को हिला दें, बाजार में उछाल आने की अवधि में स्मॉल कैप निवेश करने के लिए अच्छेविकल्प के तौर पर लिए जा सकते है क्योंकि उस समय इनका संपूर्ण डिफॉल्ट का जोखिम कम होता है। ऐसे समय में इन कंपनियों के मूल्य में भी बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है। इस बात को ध्यान रखना जरूरी है की ज्यादा जोखिम की क्षमता रखने वाले व्यक्ति स्मॉल कैप और मिड कैप शेयरों पर विचार कर सकते हैं। पिछले 18-20 महीनों में, हमने स्मॉल कैप और मिड कैप इंडेक्स में गिरावट देखी है। उम्मीद है कि कुछ ही समय में इस प्रवृत्ति में परिवर्तन होना चाहिए। स्मॉल कैप स्टॉक छोटी अवधि जैसे 3 से 6 महीने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।


छह महीने से ज्यादा के लिए स्मॉल कैप उचित नहीं
अगर हम लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो ऐसे शेयरों का चयन करना सही है, जिनमें मजबूत स्थिति हो और डिफॉल्ट के जोखिम कम हो। लार्ज कैप कंपनियों में आमतौर पर इन्फोसिस,
रिलायंस और टीसीएस जैसे नाम शामिल होते हैं जो बहुत लंबे समय से शेयर बाजारों का हिस्सा रहे हैं और एक से अधिक उत्पाद और सेवाएं प्रदान करते हैं।



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Small cap can give more returns, but it is more risky then other


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