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दिल्ली चुनाव में क्यूआर कोड से डाल सकेंगे वोट, मोबाइल फोन पर मिलेगी पर्ची

यूटिलिटी डेस्क. इस साल होने वालेदिल्ली विधानसभा चुनाव कई मायनों में खास होंगे। मतदाता मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल ले जा सकेंगे। साथ ही मोबाइल पर जेनरेट हुई क्यूआर कोड वाली पर्ची दिखाकर वोट डाल सकेंगे। इस तरह दिल्ली देश का पहला शहर होगा, जहां हर मतदान केंद्र में बूथ एप का उपयोग किया जाएगा।


ऐसे कर सकेंगे इस्तेमाल
चुनाव आयोग मतदान से पहले मतदाता पर्ची भेजेगा। उसमें एक क्यूआर कोड होगा। इसे चुनावकर्मी स्कैन करके आपको मतदान के लिए प्रवेश देंगे। अगर आप वह पर्ची लेकर नहीं पहुंचे हैं तो अपने मोबाइल पर वोटर हेल्पलाइन ऐप से डिजिटल क्यूआर कोड वाली मतदाता पर्ची जेनरेट करना होगा। मतदान केंद्र पर बूथ लेवल ऑफिसर आपकी पर्ची स्कैन कर एक नंबर देंगे। इसके बाद मतदान करने जा सकेंगे। हालांकि, इससे पहले मोबाइल जमा कराना होगा।चुनाव आयोग मतदान केंद्र के अंदर ही मोबाइल लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराएगा।


क्या है क्यूआर कोड?

  • क्यूआर कोड का इस्तेमाल सबसे पहले जापान की कंपनी ने किया था।
  • इसमें क्यूआर का मतलब क्विक रिस्पांस होता है। इस कोड को तेजी से रीड करने के लिए बनाया गया है।
  • यह बारकोड का अपग्रेड वर्जन है। बारकोड के कटने-फटने की परेशानी के कारण क्यूआर कोड बनाया गया है।
  • क्यूआर कोड का खास तरह की जानकारी को सांकेतिक शब्दों में बदलने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • 1994 में कार निर्माता कंपनी टोयोटा समूह के एक जापानी सहायक, डेन्सो वेव द्वारा इसे डेवलप किया गया।
  • क्यूआर कोड पहली बार ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल और रिटेल इंडस्ट्रीज में इन्वेंटरी को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
  • क्यू कोड 7,089 न्यूमेरिक कैरक्टर्स (बिना स्‍पेस के) स्टोर कर सकते हैं। 2,953 अल्फान्यूमेरिक कैरक्टर्स स्‍पेस और विराम चिह्न के साथ स्‍टोर कर सकते हैं।


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प्रतीकात्मक फोटो


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