इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी ले सकते हैं ऋण, पर्सनल लोन की तुलना में देना होता है कम ब्याज
यूटिलिटी डेस्क. अगर आपके पास जीवन बीमा पॉलिसी है तो आप उस पर लोन ले सकते हैं। पॉलिसी के बदले आसानी से लोन तो मिलता ही है, इसके अलावा आपको पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज चुकाना पड़ता है। इसके लिए बैंक या नॉन-बैकिंग वित्तीय संस्थाएं लोन डिसबर्स करने पर प्रोसेसिंग फीस वसूल सकती हैं।
कितना लोन मिलता है
लोन की रकम पॉलिसी के प्रकार और उसकी सरेंडर वैल्यू कितनी है। आमतौर पर लोन की राशि पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू (आखिर में मिलते वाली रकम) का 80 से 90 फीसदी तक हो सकती है। लोन की राशि सरेंडर वैल्यू (आखिर में मिलते वाली रकम) की 80 फीसदी से 90 फीसदी तक हो सकती है। इतना लोन तब मिलेगा जब आपके पास मनी बैक या एंडॉमेंट पॉलिसी है। कुछ बीमा कंपनियां लोन की रकम तय करने के लिए यह देखती हैं कि आपने कितना प्रीमियम चुकाया है। वे आपने प्रीमियम चुका दिया है उसका 50 फीसदी लोन देने के लिए ठीक मानती हैं।
क्या है सरेंडर वैल्यू?
लाइफ इंश्योरेंस के मामले में पूरी अवधि तक चलाने से पहले पॉलिसी सरेंडर करने पर आपको प्रीमियम के तौर पर चुकाईगईरकम का कुछ हिस्सा वापस मिल जाता है।इसमें चार्ज काट लिए जाते हैं।यही रकम सरेंडर वैल्यू कहलाती है।
ये हैं जरूरी डॉक्यूमेंट्स
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर लोन के जिए आवेदनफार्म के साथआपको जीवन बीमा पॉलिसी के सभी जरूरी ओरिजनल डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे। लोन की रकम प्राप्त करने के लिए एक कैंसिल चेक आवेदन फार्म के साथ लगाना होगा। बीमा पॉलिसी के बदले लोन लेने पर अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करना जरूरी होता है।
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