स्वामी नारायण मंदिर में फूलों से बनता है रंग, करीब 198 साल पुराना है अहमदाबाद का ये मंदिर
जीवन मंत्र डेस्क. होली उमंग और उल्लास के साथ भाईचारे की भावना से जीवन में रंग बिखेरने वाला पर्व है। पूरे देश में इसको लेकर विशेष उत्साह रहता है। इस अवसर पर अहमदाबाद के स्वामी नारायण मंदिर में फूलों से रंग बनाया जाता है और सभी श्रृद्धालु मिलकर होली खेलते हैं।
- अहमदाबाद के कालूपुर स्वामी नारायण मंदिर में फूलों के रंगों से होली खेली जाती है। मंदिर के पुजारी लोगों पर एकसाथ रंगों की बौछार करते हैं। पिछले वर्ष यहां 2000 किलो फूलों से रंग बनाया गया था और होली के समारोह में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए थे। इस वर्ष भी होली पर ऐसे ही भव्य आयोजन की तैयारी है। मंदिर के आंगन में गुलाल-अबीर के साथ ही नृत्य, गीत और संगीत के रंग भी दिखेंगेे।
करीब 198 साल पुराना है मंदिर
अहमदाबाद का यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय का पहला मंदिर है, इसका निर्माण सन् 1822 के आसपास हुआ था। जब यह बन रहा तो अंग्रेज इस मंदिर को देख बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने इस मंदिर का विस्तार करने के लिए और भूमि दे दी थी। तब स्वामीनारायण संप्रदाय के लोगों ने उनका आभार प्रकट करने के लिए इसके वास्तुशिल्प में औपनिवेशिक शैली का प्रयोग किया। पूरी इमारत ईंटों से बनी है। मंदिर में बर्मा टीक से नक्काशी की गई है और हर मेहराब को चमकीले रंगों से रंगा गया है।
महिलाओं के लिए विशेष खंड
मंदिर में हर स्तंभ में लकड़ी की नक्काशी की गई है। ऐसा कहा जाता है कि खुद स्वामीनारायणजी ने श्री नरनारायण देव की मूर्तियां यहां स्थापित की थीं। इसमें हनुमानजी और गणेशजी की विशाल व बहुत ही सुंदर मूर्तियां प्रवेश करते ही दायीं-बायीं ओर लगी हुई हैं। इसके साथ ही यहां निकटवर्ती हवेली में, महिलाओं के लिए एक विशेष खंड है, और एक ऐसा क्षेत्र है, जहां केवल महिलाओं के लिए समारोह और शिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं। मंदिर में पांच बार पूजा होती है, पांच बार भगवान के वस्त्र बदले जाते हैं।
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