अम्बाला में भी कर सकेंगे वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक डेवलपमेंट डिप्लोमा; पहले 200 किमी दूर लुवास जाना पड़ता था
हिसार (महबूब अली).अम्बाला और उसके आसपास क्षेत्र के युवाओं के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें वेटरनरी एंड लाइवस्टाॅक डिवेलपमेंट काेर्स के लिए हिसार के लुवास में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब अम्बाला में ही वेटनरी एंड लाइवस्टाॅक डिवेलपमेंट का डिप्लाेमा किया जा सकेगा। इसके लिए अम्बाला के लिखनाैर गांव में करीब 11 एकड़ में काॅलेज का निर्माण कराया जा रहा है। इसका काम दिसंबर में पूरा हो जाएगा।
दरअसल, अभी तक अम्बाला क्षेत्र के युवाओं काे वेटरनरी एंड लाइवस्टाॅक डेवलपमेंट करने के लिए करीब 199 किलाेमीटर की दूरी तय हर हिसार आना पड़ता था। जिससे उनका जहां रूपया अधिक खर्च हाेता था वहीं समय की भी आने और जाने में बर्बादी हाेती थी।
लुवास के कुलपति डाॅ. गुरदियाल सिंह और इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा वेटरनरी साइंस के डायरेक्टर डाॅ. संदीप गैरा ने बताया कि अधिकारियाें के निर्देश पर अम्बाला के लिखनाैर गांव में वेटरनरी एंड लाइवस्टाॅक डिवेलपमेंट काेर्स के लिए बिल्डिंग का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। दिसंबर के अंत तक अम्बाला में भी युवा डिप्लाेमा कर सकेंगे। अन्य स्थानाें पर भी डिप्लाेमा शुरू कराया जा सकता है। फिलहाल काेर्स के लिए 70 सीटें रहेंगी।
उधर, डायरेक्टर डाॅ. संदीप गेरा ने बताया कि वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक डिवेलपमेंट डिप्लोमा करने के लिए दसवीं में 60 प्रतिशत और 12वीं किसी भी स्ट्रीम से पास करनी जरूरी हाेती है। लुवास में भी 70 से अधिक सीट है। इनमें अधिकतर एडमिशन फुल रहते हैं। डायरेक्टर डाॅ. संदीप गेरा ने बताया कि वेटनरी का काेर्स करने वाले युवाओं काे अब डेयरी फार्म से लेकर डायग्नाेसिस की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। यही नहीं उन्हें डिवेलपमेंट स्किल के बारे में बताया जाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2TByefa
No comments