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सालाना आय की 2% रकम हेल्थ इंश्योरेंस पर जरूर खर्च करें, इससे बुरे समय में मिलती है वित्तीय सुरक्षा

यूटिलिटी डेस्क. इलाज की महंगाई दर साल-दर-साल दोहरे अंक में पहुंच रही है। ऐसे में हेल्थकेयर के खर्च की पूर्ति के लिए पहले से प्लानिंग करना जरूरत बन गई है। आपात जरूरत के वक्त अच्छी गुणवत्ता वाले इलाज तक पहुंच उपलब्ध कराता है। स्वीटी साल्वे (वर्टिकल हेड, क्लेम्स मेडिकल मैनेजमेंट, बजाज आलियांज) के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय नीचे लिखी आठ बातों पर गौर जरूर करना चाहिए।


1. ज़रूरत: यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी जरूरत के मुताबिक सबसे बेहतर हेल्थ प्लान चुनें। गलत हेल्थ प्लान नही चुनना चाहिए क्योंकि हो सकता है ज़रूरत के समय इससे ज्यादा मदद न मिले।


2. उम्र: हेल्थ इंश्योरेंस चुनते समय उम्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वैसे इंश्योरेंस खरीदना कभी-भी बहुत देर का सौदा नहीं होता। लेकिन सलाह यही दी जाती है कि हेल्थ इंश्योरेंस कम उम्र में खरीदें क्योंकि स्वास्थ्य जोखिम कम होने से प्रीमियम कम बनता है।


3. वेटिंग पीरियड: हर पॉलिसी एक नियत समय अवधि से बंधी रहती है। इसे कुछ खास बीमारियों की कवरेज के मामले में वेटिंग पीरियड कहा जाता है। उस अवधि के पूरा होने के बाद ही पॉलिसी पूरी तरह एक्टिवेट होती है। और बीमाधारक पॉलिसी के नियमों-शर्तों के मुताबिक हेल्थकेयर सुविधाओं का लाभ ले सकता है। बेहतर यही है कि बीमा कवरेज को समझने के लिए पॉलिसी में लिखे नियम-शर्तों को पढ़कर अच्छी तरह समझ लें।


4. प्रीमियम: प्रीमियम के अलावा, पॉलिसी के तहत कटौतियों और सह-भुगतानों के साथ-साथ बोनस और छूट के फीचर्स को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए।


5. फैमिली हिस्ट्री: यदि आपके परिवार में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों का इतिहास है, तो अगली पीढ़ी में उनके पहुंचने की संभावना ज्यादा है। आनुवंशिक रूप से उच्च-जोखिम श्रेणी वाले किसी भी व्यक्ति को व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज युवा और स्वस्थ रहते ही खरीदना चाहिए।


6. आपके रहने का स्थान: अस्पताल में इलाज का खर्च मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों के लिए अलग-अलग होगा। मसलन, दूसरी-तीसरी श्रेणी के मुकाबले पहली श्रेणी के अस्पताल में अधिक खर्च आएगा। इसका प्रभाव आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम बढ़ने के रूप में दिख सकता है।


7. कवरेज को समझना: अपने हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होने वाली सेवाओं को समझें। कोई अनहोनी होने पर आपको कितना भुगतान करना होगा यह समझना भी आवश्यक है। यदि आप कोई ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस चुनते हैं जो पर्याप्त नहीं है या सीमा बंदिशों के साथ है तो आपको इलाज में जेब से खर्च करना पड़ सकता है।


8. भुगतान क्षमता: किसी की व्यक्ति को अपनी सालाना आमदनी का कम से कम 2% ऐसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने में ज़रूर निवेश करना चाहिए जो उसे पर्याप्त बीमा कवर दे सके। मसलन, यदि किसी व्यक्ति की 6 लाख रुपए सालाना आमदनी है तो वह इसकी 2% तक राशि 12,000 रुपए से स्वास्थ्य बीमा खरीद सकता है।


और अंत में.. हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले बाजार में उपलब्ध विभिन्न हेल्थ प्लान को लेकर अपना होमवर्क करें। देख लें, बीमा कवरेज आपके लिए पर्याप्त और आवश्यकता के अनुरूप है या नहीं। एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस कवर आपको किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा खर्च की पूर्ति को लेकर चिंता-मुक्त रहने में मदद करेगा।



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