ग्राहक 50 हजार रु. से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे, 5 सवाल-जवाब में समझें अब आपके पैसे का क्या होगा
यूटिलिटी डेस्क. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की ऊपरी सीमा निर्धारित कर दी है। अब बैंक के खाताधारक अधिकतम 50 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे।ऐसे में यस बैंक के ग्राहकों के मन में खाते से होने वाले ईएमआई, एसआईपी और इंश्योरेंस प्रीमियम जैसे भुगतानों को लेकर कई सवाल हैं। 5 सवाल-जवाब में समझें इससे जुड़ी पूरी जानकारी।
जिन लोगों का यस बैंक में सैलरी अकाउंट है उनका क्या होगा?
अगर आपका सैलरी अकाउंट यस बैंक में है, और आपकी सैलरी 50 हजार से कम है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपकी सैलरी 50 हजार रुपए से ज्यादा है तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि सैलरी, करंट या सेविंग कोई भी अकाउंट हो फिलहाल यस बैंक ग्राहक 1 महीने में 50 हजार रुपए से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे। इसके लिए आपको अपनी कंपनी जहां आप नौकरी करते हैं, को किसी अन्य बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए कहना चाहिए।
अगर ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा कि है तो क्या होगा?
50 हजार तक की किस्त में आपको कोई समस्या नहीं होगी। लेकिन अगर ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त 50 हजार से ज्यादा की है तो वो बाउंस हो जाएगी। इससे बचने के लिए आप ईएमआई, एसआईपी या इंश्योरेंस की किस्त कटने के सोर्स का बदलवा सकते हैं। इसके अलावा अगर आपकी किस्त बाउंस होती है तो इसका भी आपके सिबिल स्कोर पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
किन परिस्थितियों में 50 हजार रुपए निकाल सकते हैं?
अगर जमाकर्ता या उस पर निर्भर किसी व्यक्ति का इलाज करना हो। इसके अलावा पढ़ाई के लिए भारत या भारत के बाहर एजुकेशन पर खर्च करना हो। शादी या अन्य समारोह के उपलक्ष्य में 50 हजार रुपए से अधिक की निकासी की जा सकती है। बैंक ने साफ किया है कि अगर आपको कोई मेडिकल इमरजेंसी है या आपको अधिक एजुकेशन की फीस देनी है या फिर आपके घर में शादी है, तो आप 5 लाख रुपए निकाल सकते हैं।
कब तक निकलेगा इस समस्या का हल?
यस बैंक की आर्थिक स्थिति में गंभीर गिरावट आने के बाद रिजर्व बैंक ने 30 दिन के लिए उसके बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। एसबीआई के पूर्व डीएमडी और सीएफओ प्रशांत कुमार को बैंक का प्रशासक बनाया गया है। आरबीआई ने जल्द ही यस बैंक के लिए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पेश करने की बात भी कही है। इससे पहले बैंक को बचाने के लिए सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को आगे किया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यस बैंक में शेयर खरीदने की एसबीआई की योजना को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसका आधिकारिक ऐलान जल्द किया जा सकता है। यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदने वाले कंसोर्शियम को एसबीआई लीड करेगा। अंग्रेजी की बिजनेस न्यूज वेबसाइट इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एसबीआई और एलआईसी मिलकर यस बैंक की 49% हिस्सेदारी खरीद सकते हैं।
यस बैंक कब से संकट में है?
भारत में प्राइवेट सेक्टर के चौथे सबसे बड़ाबैंक यस बैंक अगस्त 2018 से संकट में है। उस समय रिजर्व बैंक ने बैंक के संचालन और ऋण से जुड़ी खामियों की वजह से तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था। उनके उत्तराधिकारी रवनीत गिल के नेतृत्व में बैंक ने संकटग्रस्त ऋणों की सूचना प्रकाशित की। बैंक को मार्च 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ। यस बैंक ने शुरुआत में दो अरब डॉलर की पूंजी जुटाने की योजना बनाई थी। इस बारे में कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श हुआ था, लेकिन कोई सिरे नहीं चढ़ सका।
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