खंडित मूर्तियों की पूजा करने से नहीं मिलती है मन को शांति और पूजा नहीं होती है सफल
घर के मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां रखने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। मूर्तियों के संबंध में एक बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि घर में टूटी यानी खंडित प्रतिमाएं रखने से बचना चाहिए। टूटी मूर्तियों से नकारात्मकता बढ़ती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार पूजा करते समय भगवान की मूर्तियों की ओर ध्यान लगाने से हमारा तनाव दूर होता है, लेकिन मूर्ति अगर खंडित होगी तो हम ध्यान नहीं लगा पाते हैं।
खंडित मूर्तियां की पूजा से नहीं मिलता पूरा फल
खंडित मूर्ति की पूजा करने पर पूजा का पूरा पुण्य मिल नहीं पाता है। मन को शांति नहीं मिलती है। वास्तु की मान्यता है कि टूटी मूर्तियों से घर में नकारात्मकता बढ़ती है। पूजा करते समय देवी-देवताओं की मूर्तियों की ओर ध्यान लगाने से तनाव दूर होता है, लेकिन मूर्ति अगर खंडित होगी तो ध्यान नहीं लग पाता है। एकाग्रता नहीं बनती है। मन अशांत रहता है। जैसे ही हमारी नजर मूर्ति के टूटे हिस्से पर जाती हैं, हमारा मन भटक जाता है और हम पूजा में मन नहीं लगा पाते हैं।
शिवलिंग नहीं माना जाता खंडित
शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग को निराकार माना गया है। शिवलिंग खंडित होने पर भी पूजनीय है और ऐसे शिवलिंग की पूजा की जा सकती है। शिवलिंग के अलावा अन्य सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित अवस्था में पूजनीय नहीं मानी गई हैं।
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