शनिवार को शुभ योग में हनुमानजी के सामने जलाएं दीपक और हनुमान चालीसा का पाठ करें
शनिवार, 18 अप्रैल को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे वरुथिनी एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास करना चाहिए। साथ ही, शनि के लिए भी विशेष पूजा-पाठ करना चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार शनि के दोष दूर करने के लिए शनिवार को हनुमानजी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। जानिए शनिवार को हनुमानजी के पूजा में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
शनिवार की सुबह जल्दी उठें और हनुमानजी की पूजा करें। पूजा में प्रसाद के रूप में गुड़, नारियल, लड्डू चढ़ाएं। दोपहर में गुड़, घी, गेहूं के आटे से बना रोटी का चूरमा और शाम को फल जैसे केले, सेवफल का भोग लगाना चाहिए।
हनुमानजी को चोला चढ़ाते समय चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चढ़ाएं। पूजा करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। घर में साफ-सफाई से रहें और गंदगी से बचें। शरीर और मन को स्वच्छ रखें।
लाल या पीले रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित करें। इन फूलों में कमल, गेंदा, गुलाब आदि विशेष महत्व रखते हैं। हनुमानजी को केसर के साथ घिसा लाल चंदन का तिलक लगाएं। पूजा में दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।
ऊँ रामदूताय नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए। पवनपुत्र हनुमानजी की तीन परिक्रमा करने का विधान है। हनुमानजी की पूजा करने वाले व्यक्ति को सभी महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। कभी भी किसी महिला के प्रति गलत विचार मन में नहीं लाना चाहिए।
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