सोमवार और चतुर्थी के योग में गणेशजी के साथ ही शिवजी के मंत्रों का जाप करें
सोमवार, 27 अप्रैल को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है। इसे विनायकी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन गणेशजी के लिए व्रत किया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार सोमवार को चतुर्थी होने से इस दिन गणेशजी और शिवजी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। गणेशजी चतुर्थी तिथि के स्वामी हैं और सोमवार को शिवजी की पूजा करने का विशेष महत्व है। जानिए इस शुभ योग में कैसे करें पूजा-पाठ...
गणेशजी मंत्र का करें जाप
विनायकी चतुर्थी पर गणेश प्रतिमा पर सिंदूर, दूर्वा, फूल, चावल, फल, जनेऊ, नैवेद्य अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर आरती करें। श्री गणेशाय नम:, ऊँ गं गणपतयै नम:, वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरमेदेव सर्वकार्येषु सर्वदा, मंत्र का जाप करें।
जो लोग विनायकी चतुर्थी पर व्रत करते हैं उन्हें निराहार रहना चाहिए या फलाहार कर सकते हैं। दूध और फलों के रस का सेवन किया जा सकता है। पूजा पूरी होने के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरीत करें। भगवान से पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमा मांगे।
शिवजी की पूजा भी करें
इस दिन गणेशजी के बाद शिवलिंग की पूजा करें। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। बिल्व पत्र अर्पित करें। चंदन से तिलक लगाएं। भगवान को भोग लगाएं। दीपक जलाकर ऊँ सांब सदाशिवाय नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। जरूरतमंद लोगों को अनाज और फलों का दान करें।
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