लॉकडाउन के बाद विदेश जाने का बना रहे हैं प्लान, तो ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस लेना रहेगा बेहतर
देश में इस समय कोरोनावायरस वायरस के कारण लॉक डाउन लगा हुआ है। इस कारण कई लोग यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। वहीं कई स्टूडेंड लॉकडाउन के बाद विदेश में पढाई के लिए भी जाएंगे। ऐसे मेंजब आप नए देश में अकेले होते हैं, आस-पास के लोगों से परिचित नहीं होते और यह पता नहीं होता है कि जरूरत पड़ने पर किससे मदद मांगी जाए तो ऐसी परिस्थितियों में इंश्योरेंस की जरूरत पैदा होती है। ऐसे में ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस आपकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ख्याल रखता है। हम आपको इस खास इंश्योरेंस के बारे में बताया है।
देश के बाहर रहने वालों के लिए है उपयोगी
ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस ऐसे लोगों के लिए डिजाइन किया जाता है जो लंबे समय तक देश से बाहर रहते हैं और इस बात के आश्वस्त रहना चाहते हैं कि उनकी मेडिकल जरूरतें कवर रहें। यह ट्रैवल इंश्योरेंस जैसा नहीं होता है और लंबे समय तक समग्र कवर देता है। कॉरपोरेट ऑर्गेनाइजेशन और पर्यटकों की की विदेश यात्राओं में इजाफे के कारण ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस की लोकप्रियता बढ़ रही है। ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ ट्रैवल के मकसद से नहीं बल्कि विदेश में इलाज कराने के उद्देश्य से भी लिया जाता है।
ट्रैवल इंश्योरेंस के मुकाबले लम्बे समय के लिए होता है ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस
जहां तक ट्रैवल इंश्योरेंस का सवाल है तो यह कम समयावधि के लिए लिया जाता है। यह उन मौकों के लिए लिया जाता है जब इंश्योर्ड व्यक्ति कुछ दिन या सप्ताह के लिए बाहर जाता है। वहीं, ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस ज्यादा समय के लिए होता है और उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो बार-बार या लंबे समय के लिए विदेश जाते हैं। इसमें प्लान्ड, अनप्लान्ड और रोजमर्रा की मेडिकल जरूरतें कवर होती हैं। इसमें सर्जरी, डेंटल ट्रीटमेंट और रूटीन हेल्थ चेक अप्स भी शामिल होते हैं।
6 करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे अपने देश के बाहर
फिनकॉर्ड की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक इस समय दुनियाभर में छह करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपने देश से बाहर काम करते हैं। 2021 तक यह आंकड़ा नौ करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है। वहीं, एचएसबीसी की एक्सपैट एक्सप्लोरर रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में विदेश में काम करने वाली महिलाओं की संख्या 2018 की तुलना में दोगुनी हो जाने का अनुमान है।
थोड़ा महंगा पर बहुत उपयोगी है ये प्लान
ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस आप की जेब कुछ भारी पड़ सकता है लेकिन आप इसके फायदों से इनकार नहीं कर सकते हैं। विदेशों में मेडिकल ट्रीटमेंट आम तौर पर काफी महंगा होता है। अगर आपके पास कवर नहीं है और विदेश में आप बीमार पड़ गए तो काफी मुश्किल खड़ी हो सकती है। ग्लोबल हेल्थ इंश्योरेंस होने से आपको इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं होती है। पॉलिसी देने वाली कंपनी जरूरत पर आपको अच्छा हॉस्पिटल ढूंढने में मदद करती है। साथ ही यह अच्छे डॉक्टर भी रिकमेंड करती है। जैसा पहले बताया जा चुका है कि यह पॉलिसी महंगी होती है। यह घरेलू हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की तुलना में तीन से चार गुना तक महंगी होती है। लिहाजा इसका चुनाव करने से पहले अपनी जरूरतों के मुताबिक पूरी रिसर्च जरूर कर लें।
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