खेल रत्न पाने वालीं देश की पहली महिला पैरा एथलीट दीपा मलिक ने संन्सास लिया, पैरालिंपिक कमेटी की अध्यक्ष बनेंगी
देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान खेल रत्न पाने वालीं पैरा एथलीट दीपा मलिक ने संन्यास का ऐलान किया। दीपा देश के लिए पैरालिंपिक में मेडल हासिल करने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी हैं।
उन्होंने पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया(पीसीआई) का अध्यक्ष बनने के लिए खेल को अलविदा कहा।
अब पैरा एथलीट के लिए काम करूंगी: दीपा
इस मौके पर उन्होंने कहा- मैंने पिछले साल 16 सितंबर को ही संन्यास से जुड़ी चिठ्ठी पीसीआई को सौंपी थी। लेकिन आज मैंने यह पत्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग को भी दे दिया। मैं पीसीआई में नई कमेटी के गठन के लिए हाई कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही थी। जो हमारे पक्ष में आया।दीपा ने कहा कि मुझे बड़ी तस्वीर देखनी होगी ताकि देश में पैरालिंपिक खिलाड़ियों को आगे लाने का काम कर सकूं।
'नेशनल स्पोर्ट्स कोड का पालन करूंगी'
नेशनल स्पोर्ट्स कोड के मुताबिक, एक सक्रिय एथलीट किसी भी फेडरेशन में आधिकारिक रूप से पद पर नहीं रह सकता है। इसी नियम का हवाला देते हुए हुए मलिक ने संन्यास लिया है। उन्होंने कहा कि संन्यास की घोषणा करना महत्वपूर्ण है।मुझे देश के नियमों के मुताबिक ही चलना होगा। लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो मैं 2022 के एशियन गेम्स के वक्त अपने फैसले की समीक्षा कर सकती हूं। मुझे नहीं पता कि मेरे अंदर का खिलाड़ी कभी खत्म होगा भी या नहीं।
मैंने भारी मन से यह फैसला लिया: दीपा
उन्होंने आगे कहा कि मैंने बहुत भारी मन से यह फैसला लिया है। लेकिन खेल की बेहतरी के लिए मुझे ऐसा करना था। अगर मुझे पीसीआई में पद संभालना है तो मुझे कानून मानना होगा।
दीपा को पदमश्री भी मिल चुका
देश में पैरालिंपिक खेलों को बढ़ावा देने में उनका नाम सबसे आगे है। उन्हें पिछले साल खेल दिवस के मौके पर देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न मिला था। उन्हें पदमश्री और अजुर्न अवॉर्ड भी मिला है। वे अब तक 23 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुकी हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dE0sOv
No comments