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सख्त गाइडलाइन के कारण रेसलर ट्रेनिंग नहीं कर सकेंगे, नेशनल कैंप के लिए इंतजार करना होगा: कुश्ती फेडरेशन

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने हाल ही में खेल को फिर से शुरू करने के लिए नए गाइडलाइन स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) जारी किया था। इसमें कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स (जिसमें साथी खिलाड़ी की जरूरत होती है) के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। इस कारण भारतीय रेसलर अभी ट्रेनिंग नहीं कर सकेंगे। उन्हें नेशनल कैंप के लिए इंतजार करना होगा।

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) सख्त नियमों के कारण नेशनल कैंप शुरू नहीं कर रहा है। फेडरेशन ने पहलवानों को अपने स्तर पर ही फिटनेस ट्रेनिंग के लिए कहा है। फेडरेशन खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है।

जिम के लिए भी सख्त नियम बनाए गए
डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा, ‘‘एसओपी में कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। कुश्ती के लिए बनाए गए नियम कहते हैं कि आपको हर बार इस्तेमाल के बाद कुश्ती मैट को साफ करना होगा। बगैर पार्टनर के आप केवल एक डमी के साथ ट्रेनिंग कर सकते हैं। जिम की गतिविधियों पर भी कई प्रतिबंध हैं।’’

कुश्ती में इन नियमों का पालन संभव नहीं
तोमर ने कहा, ‘‘कुश्ती के कैंप में इन सभी नियमों का पालन करना संभव नहीं है। इस मामले पर चर्चा की गई और यह महसूस किया गया कि कैंप में आने वाले पहलवानों के लिए कोई महत्वपूर्ण बिंदु नहीं है और कोई गंभीर प्रशिक्षण नहीं है। यह सबसे अच्छा है कि हम लॉकडाउन समाप्त होने और साई की गाइडलाइन में ढील का इंतजार करें।’’

बगैर पार्टनर के ट्रेनिंग करना चुनौतिपूर्ण
कोविड-19 के कारण 25 मार्च से सभी कैंप बंद कर दिए गए थे। ओलिंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक भी कह चुकी हैं कि कोरोना के कारण कैंप को लगाने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि बगैर पार्टनर के ट्रेनिंग करना चुनौतीपूर्ण है।



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ओलिंपिक मेडलिस्ट रेसलर साक्षी मलिक भी कह चुकी हैं कि कोरोना के कारण कैंप को लगाने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि बगैर पार्टनर के ट्रेनिंग करना चुनौतीपूर्ण है।


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