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आर्थिक तंगी से हैं परेशान तो रिटायरमेंट और चाइल्ड प्लान में निवेश रोकें, घर के लिए आपात फंड बनाएं

33 वर्षीय राज पांडे अपनी गृहिणी पत्नी सुजाता और पांच साल के बच्चे के साथ मुंबई में किराए के मकान में रहते हैं। वह एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं। उनकी मासिक आय एक लाख रुपए थी। लेकिन कोविड-19 के लॉकडाउन के कारण उनके वेतन में फिलहाल 25% की कटौती की गई है। उनके बचत खाते में 2 लाख, ईपीएफ में 6 लाख, म्यूचुअल फंड में 11 लाख और पीपीएफ में 7.5 लाख हैं।चिंतन शाह एसोसिएट पार्टनर, एटिका वेल्थ मैनेजमेंट प्रा.लि.के अनुसार ऐसे में उन्हें अपने वित्तीय योजना में क्या बदलाव करना चाहिए?

हमारी सिफारिशें:
पीपीएफ निवेश जारी रखें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा के लिए आवेदन करें

  • पहली प्राथमिकता घर के खर्च के लिए 6-12 महीनों के लिए एक आपात कोष बनाने की होनी चाहिए, क्योंकि राज परिवार में एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति हैं।
  • पर्याप्त जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और क्रिटिकल कवरेज के लिए आवेदन करना चाहिए। कैशलेस सुविधा और एडीबी राइडर जरूर लें।
  • पीपीएफ निवेश के साथ जारी रखें क्योंकि यह आकर्षक 7.1% करमुक्त रिटर्न देता है।
  • रिटायरमेंट और चाइल्ड प्लान में निवेश को फिलहाल रोका जा सकता है, क्योंकि इनके लिए लंबा समय उपलब्ध है।
  • वेतन कटौती के कारण, ट्रैवलिंग जैसे गैरजरूरी लक्ष्य के लिए की जाने वाली बचत रोक दें। वेतन सामान्य होने पर फिर शुरू कर सकते हैं।


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वेतन में अस्थायी कटौती के कारण कुछ महीनों के लिए इनमें निवेश रोका या घटाया जा सकता है


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