दोनों क्रिकेटर बनना चाहते थे, दोनों ने परिवार का दबाव झेला; धोनी जिद करके कामयाब हुए, सुशांत रास्ता बदलकर एक्टर बने
महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक के लिए बॉलीवुड में एक्टर की तलाश सुशांत सिंह राजपूत पर आकर रुक गई थी। इस एक्टर ने पहली ही फिल्म काई पो चे में क्रिकेटर का रोल अदा किया था। वे असल जिंदगी में भी क्रिकेटर बनना चाहते थे। लोगों की उम्मीदों के मुताबिक सुशांत ने धोनी के किरदार में जान डाल दी थी।
धोनी और सुशांत की कहानी एक जैसी है। धोनी रांची में जन्मे, जो पहले बिहार का हिस्सा था। सुशांत बिहार के पूर्णिया में जन्मे। दोनों बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहते थे। धोनी और सुशांत का कोई भाई नहीं है। इस कारण दोनों पर परिवार का दबाव था कि वे क्रिकेट छोड़कर पढ़ाई-लिखाई करें और सरकारी नौकरी करें।
धोनी ने रेलवे की नौकरी और सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ी
इसके कारण धोनी ने कुछ दिन रेलवे में टीटी की नौकरी की और क्रिकेट खेलना जारी रखा। वहीं, जेईईई में सुशांत ने पूरे देश में 7वां स्थान हासिल किया और पढ़ाई के लिए दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। दोनों का मन नहीं लगा।
धोनी ने परिवार को मनाया और नौकरी छोड़कर पूरी तरह क्रिकेट में जुट गए। जबकि सुशांत ने पढ़ाई के साथ कई एक्टिंग वर्कशॉप और डांस क्लास जॉइन कर ली। इंजीनियरिंग के तीसरे साल में उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और एक्टिंग करियर बनाने के लिए मुंबई आ पहुंचे।
पहले ही मैच में शून्य पर आउट हुए थे धोनी
धोनी को दिसंबर 2004 में बांग्लादेश दौरे से मौका मिला। 23 दिसंबर को पहला मैच खेला और एक गेंद पर बगैर कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए। हालांकि, भारत ने यह मैच 11 रन से जीत लिया था।
सुशांत की बॉलीवुड में पहली कमाई सिर्फ 250 रुपए थी
सुशांत क्रिकेटर बनने के लिए अपने परिवार को नहीं मना पाए, लेकिन उन्होंने मुंबई पहुंचकर श्यामक डावर का डांस ग्रुप जॉइन कर लिया। उन्होंने कई सितारों के पीछे खड़े होकर डांस परफोर्मेंस भी दी। उनकी पहली कमाई सिर्फ 250 रुपए थी। कई सारे थिएटर करने के बाद उन्हें ‘किस देश में है मेरा दिल’ शो मिला। सुशांत की स्माइल देखकर एकता कपूर ने उन्हें ‘पवित्र रिश्ता’ में लीड किरदार दिया जिससे उन्हें घर-घर पहचान मिली।
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