इनकम टैक्स छूट और अच्छे रिटर्न के लिए पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट और पीपीएफ सहित इन 5 स्कीम में कर सकते हैं निवेश
टैक्स बचाने को आयकर की धारा 80सी, 80डी, 80ई में निवेश करने की समय सीमा को 30 जून से बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया है। ऐसे में अगर आप टैक्स छूट पाने के लिए निवेश करना चाहते हैं तो 30 जुलाई तक निवेश कर सकते हैं। अगर आपने अभी तक इसके तहत कहीं निवेश नहीं किया है तो पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेश करना सही रहेगा। यहां ऐसी कई स्कीम्स हैं जहां आपको ज्यादा ब्याज के साथ आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत इनकम टैक्स का लाभ भी मिलता है।
सीए अभय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष इंदौर चार्टर्ड अकाउंटेंट शाखा)के अनुसार इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C में बहुत से ऐसे विकल्प हैं जिसमें निवेश के जरिए आप 1.5 लाख रुपए तक की रकम पर टैक्स बचा सकते हैं। आज हम आपको पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित ऐसी ही 5 स्कीम्स के बारे में बता रहे हैं जिनमें आपको बेहतर रिटर्न के साथ इनकम टैक्स छूट का लाभ भी मिलेगा।
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम
- इस योजना में सालाना 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रही है। यदि ब्याज राशि सालाना 10000 रुपए से अधिक है, तो स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस काटी जाती है।
- इस योजना के तहत निवेश करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स लाभ प्राप्त होता है।
- 60 साल या उससे अधिक आयु के बाद अकाउंट खोला जा सकता है। वहीं VRS लेने वाला व्यक्ति जो 55 वर्ष से अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम है वो भी इस अकाउंट को खोल सकता है।
- इस स्कीम के तहत 5 साल के लिए पैसा निवेश किया जा सकता है। मैच्योरिटी के बाद इस स्कीम को 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
- इस योजना के तहत आप अधिकतम 15 लाख रुपए तक का निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
सुकन्या समृद्धि योजना
- इसके तहत अकाउंट किसी बच्ची के जन्म लेने के बाद 10 साल की उम्र से पहले ही खोला जा सकता है।
- आप केवल 250 रुपए में ये खाता खुलवा सकते हैं। इसमें सालाना 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है जो फिक्स्ड डिपॉजिट से काफी ज्यादा है।
- चालू वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं।
- इस योजना में निवेश करने पर 80सी के तहत टैक्स छूट का भी फायदा उठा सकते हैं।
- यह एकाउंट किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक की अधिकृत शाखा में खोला जा सकता है। इस स्कीम्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
पोस्ट ऑफिस पब्लिक प्रॉविडेंट फंड
- पोस्ट ऑफिस पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) खातों में जमा राशि पर फिलहाल 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है।
- जमा पर ब्याज कैलकुलेशन सालाना आधार पर की जाती हैं, जिसका अर्थ है कि इसे हर साल मूलधन में जोड़ा जाता है।
- पीपीएफ छूट की ईईई कैटेगरी के अंतर्गत आता है। इसका मतलब यह है कि रिटर्न, मेच्योरिटी राशि और ब्याज से इनकम पर आयकर छूट मिलती है।
- यह अकाउंट 15 साल के लिए खोल सकते हैं, जिसे आगे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
- पीपीएफ में मिनिमम 500 रुपए से अकाउंट खुलवाया जा सकता है। इसमें एक फाइनेंशियल में कम से कम 500 रुपए निवेश करना जरूरी है।
- इस स्कीम के तहत आप एक साल में अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
- पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) में निवेश पर 6.8 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।
- इसमें ब्याज की गणना सालाना आधार पर होती है, लेकिन ब्याज की राशि निवेश की अवधि होने पर ही दी जाती है।
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट मिलती है।
- एनएससी अकाउंट खुलवाने के लिए आपको न्यूनतम 100 रुपए निवेश करना होगा।
- आप एनएससी में कितनी भी रकम निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इस स्कीम्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट योजना
- यह एक तरह की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) है। इसमें एक तय अवधि के लिए एकमुश्त पैसा निवेश करके आप निश्चित रिटर्न और ब्याज भुगतान का फायदा ले सकते हैं।
- पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट 1 से 5 साल तक की अवधि के लिए 5.5 से 6.7 फीसदी तक ब्याज दर की पेशकश करता है।
- भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 5 साल की सावधि जमा के तहत निवेश करने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं।
- इसमें 1000 रुपए का मिनिमम निवेश करना होता है। वहीं अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। इस स्कीम्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
क्या है सेक्शन 80C?
आयकर कानून का सेक्शन 80C दरअसल इनकम टैक्स कानून, 1961 का हिस्सा है। इसमें उन निवेश माध्यमों का उल्लेख है, जिनमें निवेश कर आयकर में छूट का दावा किया जा सकता है। कई लोग वित्त वर्ष खत्म होने से पहले टैक्स बचाने के लिए निवेश करना शुरू करते हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3j1KrWq
No comments