तुलसीदास से एक शिष्य ने पूछा कि कुछ लोगों का पूजा में मन नहीं लगता, फिर भी मंत्र जाप करते हैं, ऐसे जाप का फल मिलता है या नहीं
श्रीरामचरित मानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास की जयंती सोमवार, 27 जुलाई को है। तुलसीदास का जन्म जन्म सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को राजापुर गांव में हुआ था। तुलसीदास के जीवन के कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें हमारी कई परेशानियों के हल छिपे हैं। यहां जानिए मंत्र जाप से जुड़ा एक प्रसंग...
एक प्रचलित प्रसंग के अनुसार एक दिन गोस्वामी तुलसीदास से उनके एक भक्त ने पूछा कि कभी-कभी मन भक्ति करने का नहीं करता है, लेकिन फिर भी मंत्र जाप करने बैठ जाते हैं, क्या ऐसी भक्ति का भी कोई फल मिलता है?
गोस्वामी तुलसीदास ने कहा कि तुलसी मेरे राम को, रीझ भजो या खीज। भौम पड़ा जामे सभी, उल्टा सीधा बीज॥
इस चौपाई में तुलसीदास कहते हैं कि भूमि में जब बीज बोए जाते हैं तो ये नहीं देखा जाता कि बीज उल्टे पड़े हैं या सीधे, लेकिन समय आने पर सभी बीज अंकुरित होते हैं और सभी उल्टे-सीधे बीजों फसल तैयार हो जाती है। ठीक इसी तरह भगवान का ध्यान करने का फल जरूर मिलता है।
मंत्र जाप से दूर होती है नकारात्मकता
रोज सुबह-शाम अपने ईष्टदेव की पूजा करने और पूजा में उनके मंत्रों का जाप करने से मन शांत होता है। पूजा में ध्यान करने से नकारात्मक विचार खत्म हो जाते हैं। इसीलिए पूजा में मंत्र जाप और ध्यान करने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।
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