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तिरुपति मंदिर में दर्शन के लिए रोज 9 से 10 हजार लोग पहुंच रहे; शादी में 50 लोगों की परमिशन, लेकिन सैकड़ों शामिल हो रहे

आदित्य शर्मा (डॉयचे वेले). लॉकडाउन के दौरान भारत में कोरोनावायरस से बचने को लेकर काफी जागरुकता देखी गई। देशभर में लोग मास्क पहने और एक-दूसरे से दूरी बनाते हुए नजर आने लगे। हालांकि ये सिलसिला ज्यादा दिन नहीं चला। पाबंदियों में ढील मिलते ही लोग महामारी को भुलाकर लापरवाह हो गए। भीड़ में ट्रैवलिंग और शादियों का माहौल फिर लौट आया। शायद यही वजह है कि लॉकडाउन के शुरुआत में संक्रमितों का आंकड़ा 691 था, लेकिन अब 20 लाख को पार कर गया है।​​​​राजधानी दिल्ली भी सबसे ज्यादा संक्रमण वाले शहरों में से एक है।

सावधानी से बड़ा धर्म

  • धर्म भारतीयों के जीवन का बहुत जरूरी हिस्सा है। कुछ लोगों को उम्मीद है कि भगवान और धर्म में आस्था रखने से वे कोरोनावायरस से बचे रहेंगे। इसके लिए वे फेस मास्क को भी गैरजरूरी मान रहे हैं। वे लगातार धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
  • संक्रमण बढ़ने के बाद आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति मंदिर ने श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी थी, लेकिन अब मंदिर खुल गया है। भाजपा के सदस्य और मंदिर ट्रस्ट के पूर्व मेंबर भानु प्रकाश रेड्डी का कहना है कि मंदिर खुलने के बाद से यहां हर रोज 9 से 10 हजार लोग आ रहे हैं।

पुजारी और स्टाफ के सदस्य पॉजिटिव मिले

  • जून में तिरुपति मंदिर खुलने के बाद यहां 167 स्टाफ और 17 पुजारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जुलाई में मंदिर के पूर्व मुख्य पुजारी की कोरोनावायरस से मौत हो गई।
  • रेड्डी बताते हैं कि मंदिर के अधिकारी-कर्मचारियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सावधानी बरत रहे हैं। हमने पूरे स्टाफ को पीपीई किट दी है और श्रद्धालुओं से मंदिर में एंट्री से पहले मास्क पहनने के लिए कहा है।

मंदिर बंद कर दो, लेकिन पूजा जारी रहे

  • रेड्‌डी कहते हैं कि मैं श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को बंद करने की बात का समर्थन करता हूं, लेकिन पूजा होती रहनी चाहिए। भगवान के लिए हमें पूजा करनी होगी। यह हजारों सालों से चल रहा है।
  • मंदिर के कोरोना पॉजिटिव पाए गए पुजारी अब ठीक हो रहे हैं। रेड्डी ने मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई पाबंदी लगाने को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखा है। हालांकि मंदिर के मैनेजमेंट ने रोक लगाने से इनकार किया है।

कोरोना के प्रति लापरवाही, आपसी भरोसे की दलील
दिल्ली भी सबसे ज्यादा संक्रमण वाले शहरों में से एक है। यहां रहने वाले 28 साल के आरिफ (बदला हुआ नाम) जो कि स्टेट लेवल के खिलाड़ी रह चुके हैं, वे पाबंदियों से पहले अपने दोस्तों के साथ रोज फुटबॉल खेलने आते थे। लॉकडाउन के बाद जून में थोड़ी ढील मिली तो उन्होंने फिर से मैदान पर वापसी की। हर हफ्ते 13 लोगों की टीम के साथ खेलने वाले आरिफ कहते हैं कि सभी लोग मास्क लगाकर आते हैं, लेकिन मैच से पहले हटा लेते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग हर वक्त मुमकिन नहीं है और लोग मैच के दौरान एक-दूसरे के करीब आते ही हैं। जो लोग यहां खेलने आते हैं उनमें आपस में भरोसा है।

दिल्ली में मास्क नहीं पहनने पर 66 हजार लोगों पर जुर्माना लगा

  • केवल आरिफ का ग्रुप अकेला नहीं है जो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ रहा है। 8 जून से लॉकडाउन हटने के बाद दिल्ली पुलिस ने मास्क नहीं पहनने पर 66181 और डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर 10316 लोगों का चालान काटा है। दिल्ली पुलिस के डाटा के मुताबिक, अब तक करीब 4 करोड़ रुपए के फाइन कलेक्ट किए जा चुके हैं।
  • बेंगलुरु में भी अधिकारियों ने इसी तरह के आंकड़े बताए हैं। यहां भारत के कथित अनलॉक फेज के शुरुआती 30 दिनों में करीब 47 हजार लोगों पर जुर्माना लगाकर 88 लाख से ज्यादा की वसूली की गई।
  • जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को पाबंदियों में ढील देने के बाद की जा रही लापरवाही को लेकर चेताया था। उन्होंने कहा था "हम लापरवाह हो रहे हैं। जब लॉकडाउन था, तब हम सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का पालन कर रहे थे, पर आज जब हमें इन सब की किसी और चीज से ज्यादा जरूरत है तो हम नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।"

शादी में नियमों की अनदेखी, उड़ीसा में दूल्हा और पिता गिरफ्तार
पाबंदियों में ढील के साथ ही 50 मेहमानों और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शादियों को भी अनुमति दी गई है। लेकिन इस दौरान कोरोनावायरस नियम लगातार तोड़े जा रहे हैं। जून में उड़ीसा में एक बड़ी बारात का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद अधिकारियों ने दूल्हे और उसके पिता को गिरफ्तार किया था और बाकी घरवालों पर जुर्माना लगाया था।

मुंबई की रहने वाली अपर्णा के मुताबिक, उल्लंघन का कारण नजरअंदाज करना है। हाल ही में उन्होंने अपने एक दोस्त को एक 150-200 मेहमानों वाली शादी में शामिल होने को लेकर पूछा। अपर्णा ने दोस्त से सवाल किया कि आखिर शादी में क्यों किसी ने मास्क नहीं पहना और न ही कोई सोशल डिस्टेंसिंग कर रहा था।

दोस्त के जवाब ने उन्हें चौंका दिया। दोस्त ने कहा "मास्क बेकार हैं। वायरस केवल छूने से फैलता है। अगर आप ग्लव्ज पहने हैं और बार-बार हाथ धो रहे हैं तो आप सुरक्षित रहेंगे। मास्क पहनना ऑप्शनल है।"



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प्रधानमंत्री मोदी ने जून में ही लोगों को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी थी। कहा था कि अब जब हमें मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की सबसे ज्यादा जरूरत है तो हम नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।


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