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दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज हैं इसलिए इस दिशा में नहीं होना चाहिए पानी रखने की जगह

दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज हैं। इसलिए वास्तुशास्त्र में इस दिशा को लेकर बहुत ही ध्यान रखा गया है। काशी के ज्योतिषी और वास्तु आचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि दक्षिण की ओर पैर रखकर सोने से जिस तरह शरीर की ऊर्जा खत्म होने लगती है, उसी तरह किसी घर के दक्षिणी हिस्से में मेन गेट या पानी की जगह हो तो वहां रहने वाले लोग परेशान होते हैं। घर का मेन गेट पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा में रख सकते हैं लेकिन दक्षिण में नहीं। घर में पानी की टंकी या जमीनी पानी का टेंक दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से उस घर में रहने वाले लोग आर्थिक मामलों में तो परेशान रहते ही हैं, साथ ही सेहत संबंधी परेशानी भी आती है।

वास्तु शास्त्र में पंच तत्वों के लिए अलग-अलग जगह
वास्तु शास्त्र में पानी, अग्नि, वायु, आकाश और पृथ्वी तत्व के लिए अलग-अलग दिशाएं या जगह बताई गई हैं। घर में इन तत्वों से जुड़ी चीजें भी इनकी दिशाओं के मुताबिक ही रखनी चाहिए। वरना वास्तु दोष होने लगता है। पं. मिश्र के मुताबिक पूर्व और उत्तर दिशा पानी के लिए अनुकूल है। इन दिशाओं में जमीनी टेंक, पानी की टंकी या पीने का पानी रखा जाए तो घर में परेशानियां नहीं होती, लेकिन इसके उलट यानी अन्य दिशाओं में पानी रखा जाए तो धन हानि और बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है।

  • दक्षिण दिशा में किसी भी तरह का खुलापन या शौचालय नहीं होना चाहिए। घर में इस जगह पर भारी सामान रखें। इस दिशा में दरवाजा या खिड़की है तो घर में नकारात्मक ऊर्जा रहेगी और ऑक्सीजन का लेवल भी कम हो जाएग। इससे घर में क्लेश बढ़ता है।


दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए पानी

  1. दक्षिण दिशा में पानी की टंकी या भूमिगत टेंक नहीं होना चाहिए। इससे परिवार में अशांति और धन हानि होती है।
  2. दक्षिण पूर्व दिशा को भी पानी का टैंक लगाने के लिए सही नहीं माना जाता है, क्योंकि इसे अग्नि की दिशा कहा गया है। अग्नि और पानी का मेल गंभीर वास्तु दोष पैदा करता है।
  3. दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य कोण में भी पानी की टंकी का होना अशुभ माना गया है। इस स्थान में पानी होने से घर में बीमारियां होने लगती है और कर्जा भी बढ़ने लगता है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों को मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक पानी की सही जगह

  1. उत्तर-पूर्व दिशा भी पानी का टैंक रखने के लिए शुभ है। इस दिशा में पानी होने से धन लाभ होता है। ऐसा घर उन्नति और समृद्धि देने वाला माना गया है।
  2. उत्तर दिशा में पानी का टेंक या पीने का पानी रखा जा सकता है। ऐसे घर में शांति और सुख बढ़ता है।
  3. वास्तु के मुताबिक पश्चिम दिशा में पानी की जगह का होना भी शुभ कहा गया है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों की संपत्ति बढ़ती है।


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Vaastu Shastra is the lord of the south, Yamaraja, so there should be no place to keep water in this direction.


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