क्रोध से बुद्धि, घमंड से ज्ञान, लालच से ईमानदारी नष्ट होती है, गलती होने पर प्रायश्चित करने से पाप खत्म होते हैं
घर-परिवार हो या कार्य स्थल, किसी भी चीज का या किसी व्यक्ति का अत्यधिक मोह हमारे लिए परेशानियां बढ़ा सकता है। मोह में हम अपने करीबी लोगों की कमियां और दूसरों की अच्छाइयां नहीं देख पाते हैं। मोह की वजह से ही धृतराष्ट्र को दुर्योधन के अधार्मिक काम नहीं दिखाई दिए। इसका नतीजा ये हुआ कि महाभारत युद्ध में पूरा कौरव वंश ही नष्ट हो गया। इसीलिए अत्यधिक मोह से बचना चाहिए।
अगर विचार नकारात्मक होंगे तो किसी भी काम में आसानी से सफलता नहीं मिल पाती है और परेशानियां भी बढ़ती हैं। प्रेरक विचारों से हमारी सोच सकारात्मक बन सकती है। यहां जानिए कुछ ऐसे विचार, जिनसे हमारी सोच सकारात्मक बन सकती है...




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