विदेश में विद्या, घर में जीवन साथी, बीमार के लिए औषधि मित्र होती है, मरे हुए इंसान का मित्र धर्म होता है
आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर कोई व्यक्ति बुद्धिहीन है तो उसकी सुंदरता और बड़े परिवार का कोई महत्व नहीं रहता है। जबकि अगर कोई व्यक्ति दिखने में सामान्य है, लेकिन बुद्धिमान है तो उसे घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान जरूर मिलता है। सुंदरता से ज्यादा बुद्धि का महत्व होता है।
यहां जानिए चाणक्य की ऐसी ही कुछ और नीतियां...




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