10 गुना महंगी हुई एमटेक की पढ़ाई, 2 लाख रुपए देना होगी सालाना फीस
यूटिलिटी डेस्क.आईआईटीज में एमटेक प्रोग्राम की फीस में करीब 9 गुना बढ़ोतरी होने वाली है। आईआईटीज की काउंसिल ने शुक्रवार को एमटेक प्रोग्राम की फीस को बीटेक कोर्सों की फीस के बराबर करने को मंजूरी दी है। इसके बाद एमटेक प्रोग्राम की फीस भी बीटेक कोर्सों की फीस करीब यानि की 2 लाख रुपए सालाना हो जाएगी। आईआईटीज में एमटेक कोर्स की मौजूदा ऐडमिशन और ट्युइशन फीस प्रति सेमेस्टर 5,000 से 10,000 रुपए तक है। इस तरह से आईआईटीज के एमटेक प्रोग्राम की फीस में 10 गुना से भी ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा स्टूडेंट्स को दिए जाने वाले 12,400 रुपए के स्टाइपेंड को खत्म करने का भी सुझाव दिया गया है।
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गेट स्कोर के आधार पर जिन स्टूडेंट्स का दाखिला होता था, उनको हर महीने 12400 रुपएका स्टाइपेंड मिलता था। अब इस स्टाइपेंड को बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसकी जगह इस स्टाइपेंड के कुछ हिस्से का इस्तेमाल यूजी लैब्स और कोर्सों में टीचिंग असिस्टेंटशिप के तौर पर देने के लिए किया जाएगा।
- इस फंड का अन्य पेशेवराना गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है। फीस बढ़ोतरी के साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि जरूरतमंद स्टूडेंट्स की मदद डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर या एजुकेशनल लोन के माध्यम से की जाए।
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मौजूदा समय में एक सेमेस्टर के लिए आईआईटी मुंबई की एमटेक ट्युइशन फीस 5,000 रुपये है जबकि आईआईटी दिल्ली की 10,000 रुपये। आईआईटी मद्रास में 3,750 रुपएकी एकमुश्त भुगतान के साथ ट्युइशन फीस 5,000 रुपये है।
- आईआईटी खड़गपुर के पहले सेमेस्टर की फीस 25,950 रुपये है। इसमें से 6,000 रुपये रिफंड हो जाता है। बाद के सेमेस्टरों के लिए 10,550 रुपये फीस है। कुल 23 आईआईटीज में से सात पुरानी आईआईटीज में करीब 14,000 एमटेक छात्र हैं।
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काउंसिल की मीटिंग में 'टेन्योर ट्रैक सिस्टम' को मंजूरी दी गई है। इसके आधार पर नए प्रफेसरों के परफॉर्मेंस की हर 5 साल पर समीक्षा होगी।
- एक एक्सटर्नल कमिटी रिसर्च और संस्थान को उनकी सेवा के आधार पर प्रफेसरों का मूल्यांकन करेगी। इस मूल्यांकन के आधार पर नए प्रफेसरों का असोसिएट प्रफेसर के तौर पर प्रमोशन होगा या फिर उनकी छुट्टी कर दी जाएगी।
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