Breaking News

27 को पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि, इस दिन दुर्घटना में मृत लोगों का होता है श्राद्ध

जीवन मंत्र डेस्क। शनिवार, 28 सितंबर को पितृ पक्ष का अंतिम दिन सर्व पितृमोक्ष अमावस्या है। इससे पहले शुक्रवार, 27 सितंबर को चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध है। इस तिथि पर अकाल मृत्य को प्राप्त हुए लोगों के लिए श्राद्ध किए जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार महाभारत के अनुशासन पर्व में बताया गया है कि चतुर्दशी तिथि पर उन लोगों का ही श्राद्ध करना चाहिए, जिनकी मृत्यु असमय हुई है।

  • जिनकी मृत्यु दुर्घटना में हुई हो

जिन लोगों की मृत्यु किसी दुर्घटना में हुई हो, सांप या किसी अन्य जहरीले जानवर के काटने से हुई हो उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर किया जाता है। आमहत्या करने वाले लोग, जिनकी हत्या हुई हो, शस्त्रों की वजह से मृत व्यक्ति का श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर किया जाता है।

  • महाभारत में बताया है इस तिथि के बारे में

अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को बताया था कि जिन लोगों की मृत्यु अकाल हुई है यानी जिनकी स्वाभाविक मृत्यु न हुई हो, उनका श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही करना चाहिए। इस तिथि पर स्वाभाविक रूप से मृत लोगों का श्राद्ध नहीं किया जाता है।
महाभारत के अनुसार जिन लोगों की मृत्यु स्वभाविक रूप से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि पर करने से श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कूर्मपुराण में बताया गया है कि चतुर्दशी पर स्वाभाविक रूप से मृत लोगों का श्राद्ध करना संतान के लिए शुभ नहीं होता है।

  • अमावस्या पर करें विशेष श्राद्ध

पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि पर उन लोगों का श्राद्ध करें, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है। इस दिन कुटुंब के सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों के लिए विशेष श्राद्ध करना चाहिए। श्राद्ध के साथ ही पितरों के नाम पर जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करना चाहिए। किसी पवित्र में स्नान करें। सप्तऋषियों के नामों का जाप करें।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
pitru paksha 2019, pitru paksha kab se hai, shraddha paksha 2019


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2mv5gki

No comments