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पांच ग्रहों के कारण महालया और नवरात्र में बारीश होने से देश में वृद्धि के संकेत

जीवन मंत्र डेस्क.शनिवार को पितृमोक्ष अमावस्या पर तर्पण कर क्षमायाचना के साथ पितरों को विदाई देंगे। अमावस्या शनिवार को होने से ज्योतिषियों के अनुसार इसे शुभ व दुर्लभ योग माना गया है, जो 20 साल बाद बना है। इसके अलावा पंचग्रही योग भी बना हुआ है, जो इस दिन की शुभता में वृद्धिकारक होगा। ज्योतिषाचार्य पं प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार सूर्य, बुध, मंगल, चंद्रमा, शुक्र के कन्या राशि में रहने से पितृमोक्ष अमावस्या पर पंचग्रही योग बन रहा है। जो बारीश का योग निर्मित कर रहा है। इन ग्रहों के कारण नवरात्र के कुछ दिनों में भी बारीश होने के संकेत मिल रहे हैं।

  • ग्रहों की स्थिति बना रही है जल वृष्टि का योग

नवरात्र से पहले शनि अमावस्या पर बन रहे पांच ग्रहों के योग का असर सभी 12 राशियों पर रहेगा। जिसका अलग-अलग फल होगा। कई दिन पहले से इस राशि में चतुर्ग्रही योग बना हुअा था, जो लगातार वर्षा का कारण बना। पं. भट्ट का कहना है कि ग्रहों की स्थिति यहीं संकेत दे रही है कि पितृ-मोक्ष अमावस्या और नवरात्र में कुछ दिन बारिश होने का अनुमान है, जो शुभ भी मानी जाती है। इस बार नवरात्र में माता का वाहन हाथी होने से भी जलवृष्टि हो सकती है। पं भट्ट के अनुसार पितृमोक्ष और नवरात्र में जल वृष्टि होना देश और लोगों की उन्नति का संकेत है।

  • पितरों की तृप्ति का संकेत है बारीश

जल को समृद्धि, संरचना और विकास का प्रतिक मना गया है। जल से ही विकास होता है। महालया पर बारीश का होना पितृ तृप्ति का संकेत है। पितरों के तृप्त होने से समृद्धि मिलती है और उन्नति होती है। इसके साथ ही नवरात्र में बारीश होना देवी की प्रसन्नता का भी संकेत है। जिससे देश और लोगों की उन्नति एवं विकास होगा।

  • पौधारोपण से प्रसन्न होते पितृ

पृथ्वी तत्व की राशि कन्या में जल के कारक ग्रह चंद्रमा का अन्य 4 ग्रहों के साथ होना बारीश का संकेत दे रहा है। एक ही राशि कन्या में पांच ग्रहों का होना अति शुभ माना गया है। पं भट्ट के मुताबिक पितरों की स्मृति में पौधारोपण करना एवं जरूरतमंदों को भोजन करवाना सबसे श्रेष्ठ कार्य माना जाता है, जिससे पितर सदैव प्रसन्न रहते हैं और वंश वृद्धि के साथ वंश की सुरक्षा भी होती है। इससे पितर सदैव प्रसन्न रहते हैं।

  • पंचग्रही योग का 12 राशियों पर प्रभाव

नवरात्र के पहले शनि अमावस्या पर बन रहे पंचग्रही योग का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। इन 12 में से 7 राशियों पर पांच ग्रहों का शुभ असर होगा और अन्य 5 राशियों के लिए समय ठीक नहीं है।

  • मेष-सुख प्राप्ति, वृषभ-तनाव,
  • मिथुन-धन प्राप्ति, कर्क-कार्य वृद्धि,
  • सिंह-पदोन्नति, कन्या-खर्च,
  • तुला-यश प्राप्ति, वृश्चिक-तनाव,
  • धनु-सम्मान लाभ, मकर-क्लेश,
  • कुंभ-यात्रा, मीन-लाभ।


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Signs of Growth in The Country Due to the five Planets in Mahalaya and Navratri


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