करवा चौथ की रात पति-पत्नी एक साथ करें गणेशजी की पूजा और बोलें 12 मंत्र
जीवन मंत्र डेस्क। आज गुरुवार, 17 अक्टूबर को पति-पत्नी का महापर्व करवा चौथ है। इस तिथि पर महिलाएं अपने पति के सौभाग्य, लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत करती हैं। रात में चंद्र दर्शन के बाद ही जल पान करती हैं। इस चतुर्थी पर पति-पत्नी को एक साथ गणेशजी की पूजा करनी चाहिए। चतुर्थी तिथि पर गणेशजी की पूजा करने की परंपरा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार भगवान गणपति सुख-समृद्धि के दाता हैं और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। यहां जानिए गणेश पूजा की सरल विधि...
गणेशजी के 12 नामों का करना चाहिए जाप
ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार गणेश पूजा में उनके 12 नाम मंत्रों का जाप करना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
गणेशजी को 21 दूर्वा दल चढ़ाएं और दूर्वा चढ़ाते समय नीचे लिखे मंत्रों का जाप करें।
ऊँ गणाधिपतयै नम:, ऊँ उमापुत्राय नम:, ऊँ विघ्ननाशनाय नम:, ऊँ विनायकाय नम:, ऊँ ईशपुत्राय नम:, ऊँ सर्वसिद्धप्रदाय नम:, ऊँ एकदन्ताय नम:, ऊँ इभवक्त्राय नम:, ऊँ मूषकवाहनाय नम:, ऊँ कुमारगुरवे नम:।
ये है गणेशजी की सरल पूजा विधि
चतुर्थी तिथि पर स्नान के बाद अपनी इच्छा के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित करें।इसके बाद भगवान श्रीगणेश को जनेऊ पहनाएं। अबीर, गुलाल, चंदन, सिंदूर, इत्र आदि चढ़ाएं। पूजा का धागा अर्पित करें। चावल चढ़ाएं।गणेशजी मंत्र बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। कर्पूर से भगवान श्रीगणेश की आरती करें।पूजा के बाद प्रसाद अन्य भक्तों को बांट दें। पूजा के बाद भगवान से क्षमा याचना करें। अगर संभव हो सके तो घर में ब्राह्मणों को भोजन कराएं। दक्षिणा दें।इस तरह पूजा करने से भगवान श्रीगणेश अति प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं।
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