बुरी आदतों को जल्दी से जल्दी छोड़ देना चाहिए, वरना सब कुछ बर्बाद हो सकता है
जीवन मंत्र डेस्क। एक प्रचलित लोक कथा के अनुसार पुराने समय में एक सेठ बहुत धनवान था। उसके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। इसी वजह से उसका बेटा बुरी आदतों में फंस गया। वह लड़कियों को सताता था, नशा करता था। अब सेठ को चिंता होने लगी कि उसका बेटा सबकुछ बर्बाद कर देगा।
- चिंतित सेठ विद्वान संत के पास गया और बोला कि महाराज मेरे बेटे का भविष्य उजड़ता दिख रहा है, कृपया उसे सुधार दीजिए। संत ने कहा कि तुम लड़के को मेरे पास भेज देना।
- अगले दिन सेठ ने बेटे को संत के पास भेज दिया। संत बहुत बुद्धिमान थे। वे उस लड़के को लेकर एक बाग में गए। संत ने उस लड़के से कहा कि ये जो छोटा सा पौधा है, इसे उखाड़ दो। लड़के ने तुरंत ही उस पौधे को उखाड़ दिया।
- इसके बाद संत उस लड़के को थोड़े बड़े पौधे को उखाड़ने के लिए कहा। लड़के ने थोड़ी ताकत लगा कर उसे भी उखाड़ दिया। लड़के को समझ नहीं आया कि संत उससे ऐसा क्यों करवा रहे हैं। संत ने एक बड़े पेड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि अब इसे उखाड़ दो।
- लड़के ने कोशिश की तो उसे समझ आया कि इस पेड़ को उखाड़ पाना असंभव है। उसने संत से कहा कि ये काम तो मुझसे नहीं हो पाएगा।
- संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही हमारी बुरी आदतों के साथ होता है। अभी तुम्हारी उम्र ज्यादा नहीं है, इस वजह से तुम्हारी बुरी आदतों की जड़ें भी कमजोर हैं। अगर अभी तुम इन आदतों को उखाड़ दोगे यानी छोड़ दोगे तो तुम्हारी जीवन सफल हो जाएगा, लेकिन तुम इन आदतों को अभी नहीं छोड़ेगो तो ये धीरे-धीरे बढ़ती जाएंगी और जब इनकी जड़ें मजबूत हो जाएंगी, तब इन्हें उखाड़ पाना असंभव हो जाएगा।
- लड़के को संत की बातें समझ आ गईं और उसने बुरी आदतों को छोड़ने का संकल्प ले लिया।
- कथा की सीख
- इस कथा की सीख यही है कि किसी भी बुरी आदत को शुरुआत में ही छोड़ देना चाहिए, वरना धीरे-धीरे ये बढ़ने लगती हैं और जीवन बर्बाद कर सकती हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/31d0bvm
No comments