कोहरे और बारिश समेत दैवीय आपदाओं के कारण ट्रेन के लेट होने पर यात्रियों को नहीं मिलेगा मुआवजा
यूटिलिटी डेस्क. देश की पहली प्राइवेट ट्रेन 'तेजस' के लेट होने पर यात्रियों को मुआवजा दिया जाता है लेकिनमुआवजे की मार से बचने के लिए बचने के लिए आईआरसीटीसी ने नया ऊपाय निकाला है। इसी के तहत दैवीय आपदा की वजह से ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को मुआवजा नहीं दी जाएगी। दैवीय आपदाओं मेंबारिश और कोहरे को भी शामिल किया है। यानी की सर्दी के मौसम में कोहरे की वजह से ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। आईआरसीटीसी के मुताबिक, फॉग को एक्ट ऑफ गॉड माना जाएगा। आपको बता दें कि इस ट्रेन का संचालन आईआरसीटीसी नई दिल्ली से लखनऊ के बीच कर रहा है।
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देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस 19 अक्टूबर को पहली बार अपने सफर में लेट हुई थी। लखनऊ से निकलकर दिल्ली पहुंचने में और वापस दिल्ली से लखनऊ पहुंचने में ट्रेन को देरी होने के चलते आईआरसीटीसी यात्रियों को मुआवजा दिया।
- रेलवे के अनुसार इसके लिए 1 लाख 62 हजार रूपए का मुआवजा तकरीबन 950 यात्रियों दिया गया। आपको बता दें कि तेजस एक्सप्रेस के 1 घंटा लेट होने पर 100 रुपए और 2 घंटे लेट होने पर 250 रुपए मुआवजे का प्रावधान है।
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तेजस एक्सप्रेस ट्रेन नई दिल्ली से लखनऊ का सफर सवा 6 घंटे में पूरा करेगी। ये ट्रेन लखनऊ से सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर चलेगी और दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर दिल्ली पहुंच जाएगी। ट्रेन दो स्टेशनों कानपुर और गाजियाबाद में रुकेगी।
- इसी तरह लखनऊ से दिल्ली आने वाली ट्रेन के भी बीच में यही दोनों स्टॉपेज होंगे। तेजस दोनों ओर से मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के हर दिन यानी सोम, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और रविवार को चलेगी। इस ट्रेन में दो एसी चेयर कार और एग्जिक्यूटिव चेयर कार, दो तरह की बोगियां होगीं।
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