विराट कोहली जब तक खेलेंगे, तब तक ऐसे ही रिकॉर्ड टूटते रहेंगे
खेल डेस्क. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने शानदार दोहरा शतक लगाया। ये विराट के करिअर का 26वां टेस्ट शतक है। 254* रन की पारी में विराट ने तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए। स्टेटीशियन को वे खासा व्यस्त रखते हैं। खैर, विराट कोहली जब तक खेलेंगे, रिकॉर्ड बनते-टूटते रहेंगे। भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस पारी में 7 हजार टेस्ट रन भी पूरे किए। यहां तक पहुंचने में उन्होंने अपने आदर्श क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से भी कम समय लिया। विराट इसी तरह खेलते रहे तो महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के कई रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। आस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन के 99.94 के टेस्ट औसत वाले रिकॉर्ड को छोड़ दें तो हर रिकॉर्ड विराट कोहली के लिए मुमकिन नजर आ रहा है।
कोहली 31 साल के होने वाले हैं। फिटनेस और खेल के प्रति लगन देखते हुए कहा जा सकता है कि विराट में अभी 7-8 साल का क्रिकेट बाकी है। एक और खास बात ये है कि विराट क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बेहद शानदार खेल दिखा रहे हैं। ये बात उन्हें एक अलग स्तर पर ले जाती हैं।
‘ये विराट की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी नहीं’
टेस्ट में विराट के सभी दोहरे शतक 2016 के बाद ही आए हैं। इससे पता चलता है कि पिछले कुछ साल में उन्होंने अपने खेल के स्तर को कितना ऊंचा किया है। 2019 में अब तक विराट कोहली का उनके कद के मुताबिक जलवा देखने को नहीं मिला था, लेकिन पुणे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पारी से उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी रनों की भूख बिल्कुल कम नहीं हुई है। हालांकि ये विराट की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी नहीं है।
‘कप्तान के तौर पर विराट अभी लगातार सीख रहे’
विराट ने इस पारी से एक और खास कारनामा किया। जब रविंद्र जडेजा आउट हुए, तब विराट 254 रन बनाकर खेल रहे थे। द. अफ्रीका के गेंदबाजों में कोई धार नहीं दिख रही थी और वे थके हुए भी थे। विराट के पास टेस्ट करियर का पहला तिहरा शतक लगाने का अच्छा मौका था, लेकिन उन्होंने पारी घोषित कर दी। इसके पीछे मकसद था- अपने गेंदबाजों को कुछ ओवर देना। कप्तान के तौर पर विराट कोहली अभी लगातार सीख रहे हैं, लेकिन अपने हित को टीम हित से नीचे रखना उन्हें बखूबी आता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35tpehd
No comments