1 दिसंबर से अनिवार्य हो जाएगा फास्टैग, अधिकारियों की हुई नियुक्त
यूटिलिटी डेस्क. केंद्र सरकार ने 1 दिसंबर से फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की वसूली को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए सरकार ने राज्यों में अधिकारी तैनात कर दिए हैं। यह अधिकारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के टोल प्लाजा को इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के लिए तैयार करने में मदद करेंगे। आपको बता दें कि फास्टैग का संचालन नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से किया जाता है।
-
यह एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग है जिसे वाहन के विंडशील्ड पर लगाया जाता है।
- जब कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो वहां लगे उपकरण ऑटोमैटिक तरीके से टोल टैक्स की वसूली कर लेते हैं। इससे वाहन चालकों को समय की बचत होती है।
- एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में देश के 528 से ज्यादा टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए टोल टैक्स की वसूली की जा रही है।
-
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से संचालित टोल प्लाजा।
- एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई समेत कई बैंक।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पेटीएम, अमेजन डॉट कॉम।
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप।
- नेशनल हाईवे अथॉरिटी की माई फास्ट ऐप।
-
गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- गाड़ी मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो
- गाड़ी मालिक का केवाईसी डॉक्यूमेंट। जैसे- आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ।
- फास्ट टैग खरीदते समय इन सभी दस्तावेजों की ऑरिजनल कॉपी जरूर साथ रखें।
-
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए फास्टैग के इस्तेमाल पर 2.5 फीसदी का कैशबैक भी दिया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, सितंबर 2019 तक 60 लाख फास्टैग की बिक्री हो चुकी है और इसके जरिए करीब 12,850 करोड़ रुपए का इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन हो चुका है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35b5pdK
No comments