1 जनवरी से बंद हो जाएंगे पुराने डेबिट और क्रेडिट कार्ड, बैंक जाकर नए कार्ड से इसे करा लें रिप्लेस
यूटिलिटी डेस्क. अगर आपके पास मैग्नेटिक स्ट्रिप वाला पुराना कार्ड है तो आप इसे जल्द बदल लें क्योंकि 31 दिसंबर 2019 के बाद से यह काम करना बंद कर देगा। दरअसल, सभी मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड नए साल से बंद होने जा रहा है। मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड से आपके बैंक डेटा चोरी होने का खतरा होता है। चिप वाले कार्ड से इन्हें रिप्लेस कर दिया जाएगा। दरअसल RBIने 2016 में बैंकों को आदेश दिया था कि ग्राहकों के साधारण मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड्स को चिप वाले कार्ड से रिप्लेस किया जाए। यह कदम ग्राहकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स को सिक्योर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पुरानी टेक्नोलॉजी है मैग्नेटिक स्ट्राइप
आरबीआई के मुताबिक, मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड अब पुरानी टेक्नोलॉजी हो चुकी है। ऐसा कार्ड्स बनाना भी बंद कर दिया गया है. दरअसल, यह कार्ड्स पूरी तरह सिक्योर नहीं थे। यही वजह है कि इन्हें बंद किया गया। इनकी जगह EMV चिप कार्ड को तैयार किया गया है। सभी पुराने कार्ड्स को नए चिप कार्ड्स से बदला जाएगा। सेंट्रल बैंक के डाटा के अनुसार, देश में 44.2 मिलियन एक्टिव क्रेडिट कार्ड और 958.2 मिलियन एक्टिव डेबिट कार्ड मौजूद हैं।
एसबीआई जार कर चुका है नोटिफिकेशन
अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहक हैं तो आपके लिए जरूरी है कि जल्द ही अपना कार्ड बदल लें, क्योंकि, एसबीआईमैग्नेटिक स्ट्राइप एटीएम को ब्लॉक कर रहा है। इसको लेकर बैंक पहले ही नोटिफिकेशन भी जारी कर चुका है। बैंक चिप वाले कार्ड्स के लिए कोई अलग से चार्ज नहीं ले रहे हैं।
क्या है दोनों कार्ड्स में अंतर?
चिप वाले कार्ड ज्यादा सिक्योर हैं, इससे डाटा चोरी होने की आशंका नहीं रहती। क्योंकि, उपभोक्ता की डिटेल चिप में होती है। इसे कॉपी नहीं किया जा सकता। मैग्नेटिक स्ट्रिप कार्ड से ट्रांजैक्शन के लिए कार्डहोल्डर के सिग्नेचर या पिन की जरूरत होती है। इस पर आपके अकांउट की डिटेल्स मौजूद होती है। इसी स्ट्रिप की मदद से कार्ड स्वाइप के वक्त मशीन आपके बैंक इंटरफेस से जुड़ती है और प्रोसेस आगे बढ़ता है। वहीं, चिप वाले कार्ड में सारी इन्फॉरमेशन चिप में मौजूद होती है। इनमें भी ट्रांजैक्शन के लिए पिन और सिग्नेचर जरूरी होते हैं लेकिन, ईएमवी चिप कार्ड में ट्रांजैक्शन के वक्त यूजर को ऑथेंटिकेट करने के लिए एक यूनीक ट्रांजैक्शन कोड जनरेट होता है, जो वेरिफिकेशन को सपोर्ट करता है। ऐसा मैग्नेटिक स्ट्रिप कार्ड में नहीं होता।
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