मकर-कुंभ राशि के स्वामी हैं शनि, इस ग्रह को 12 राशियों का एक चक्र पूरा करने में लगते हैं करीब 30 साल
जीवन मंत्र डेस्क। इस माह में शनि का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। ज्योतिष के नजरिए से ये बहुत ही खास राशि परिवर्तन है, क्योंकि नौ ग्रहों में शनि सबसे धीरे-धीरे चलने वाला ग्रह है। इस ग्रह को 12 राशियों का एक चक्र पूरा करने में करीब 30 साल लगते हैं। शनि एक राशि में करीब ढाई साल रुकता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए शनि से जुड़ी खास बातें...
मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं शनिदेव
पं. शर्मा के अनुसार शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। करीब 29 साल बाद शनि 23 जनवरी की रात धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगा। खुद की राशि में शनि अधिक बलवान और प्रभावशाली हो जाता है। शनि को न्यायाधीश माना गया है। ये ग्रह ही हमारे अच्छे-बुरे कर्मों का फल प्रदान करता है।
साढ़ेसाती और ढय्या की स्थिति
मकर राशि में शनि के आने से वृषभ और कन्या राशि से ढय्या उतर जाएगा। वृश्चिक राशि से शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी और कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का पहला ढय्या शुरू हो जाएगा। मकर राशि पर दूसरा और धनु राशि पर तीसरा ढय्या रहेगा। इस बार शनि पूरे ढाई साल मकर राशि में ही रहेगा। इसी राशि में शनि वक्री भी होगा, लेकिन राशि नहीं बदलेगा। 11 मई से 28 सितंबर तक शनि वक्री रहेगा।
शनि के लिए क्या करें और क्या न करें
शनि के अशुभ असर को कम करने के लिए हर शनिवार ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। हनुमानजी, शिवजी और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करें। घर के बड़े लोगों का और अन्य वरिष्ठ लोगों का सम्मान करें। भूलकर भी किसी महिला और बूढ़े व्यक्ति का अनादर न करें। तिल, तेल, काले वस्त्र का दान करना चाहिए। हर शनिवार शनि के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं। आलस्य से बचें, अपना काम ईमानदारी से करें। बेईमानी करेंगे तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सभी राशियों के लिए शनि शुभ या अशुभ
मेष- प्रतिष्ठा बढ़ेगी, वृष- शुभ, मिथुन- हानि के योग, कर्क- शुभ, सिंह- रोगों में वृद्धि, कन्या- शुभ, तुला- मानसिक तनाव, वृश्चिक- सुख बढ़ेगा, धनु- शुभ, मकर- शुभ, कुंभ- व्यय अधिक, मीन- शुभ
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