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अमेरिका में राष्ट्रगान के दौरान फुटबॉल खिलाड़ियों के घुटने टेकने पर प्रतिबंध, वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम इंग्लैंड में घुटने पर बैठ सकती है

अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद खेलजगत रंगभेद के खिलाफ एकजुट होता दिख रहा है। अमेरिका में कई फुटबॉल खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान के दौरान घुटने पर बैठकर विरोध जताया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे गलत बताते हुए कहा था कि, यह राष्ट्रध्वज का अपमान है। अब अमेरिकी फुटबॉल फेडरेशन ने इस पर प्रतिबंध भी लगा दिया है।

यूएस सॉकर ने कहा कि फेडरेशन रंगभेद के सख्त खिलाफ है और आंदोलन का समर्थन करता है। लेकिन राष्ट्रगान के दौरान घुटने टेकने का समर्थन किसी भी प्रकार से नहीं कर सकते। अगर कोई खिलाड़ी ऐसा करता है, तो उसको सजा दी जाएगी। प्रदर्शन का यह तरीका सबसे पहले 2016 में कॉलिन कैपरनिक ने शुरू किया था।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में घुटने टेक सकती है विंडीज टीम
वहीं, वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम 3 टेस्ट की सीरीज के लिए इंग्लैंड पहुंच चुकी है। विंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा कि टीम में रंगभेद के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के लिए मैच में घूटने टेकने पर विचार चल रहा है। होल्डर ने कहा कि अश्वेत का जीवन मायने रखता है अभियान को पूरी दुनिया में समर्थन मिल रहा है। दोनों टीमों के बीच 8 जुलाई को पहला टेस्ट होना है।

एनएफएल ने खिलाड़ियों को घुटने टेकने की वकालत की थी
हाल ही में अमेरिकी नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के कमिश्नर ने रोजर गुडेल ने कहा था कि खिलाड़ियों को विरोध की इजाजत मिलनी चाहिए। शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों की बात नहीं सुनकर हम ठीक नहीं कर रहे हैं। अश्वेत का जीवन भी मायने रखता है।

राष्ट्रगान के दौरान घुटने पर बैठना ठीक नहीं
ट्रम्प ने राष्ट्रगान के दौरान घुटने टेकने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘‘हमें सीधे और लंबे समय तक खड़े रहना चाहिए। सलामी के साथ या दिल पर हाथ रखकर। आप विरोध कर सकते हैं, लेकिन हमारे महान अमेरिकी ध्वज का नहीं।

आईओसी किसी भी स्तर पर भेद-भाव नहीं करेगा
अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) ने बयान जारी कर रंगभेद की निंदा की है। आईओसी ने कहा- ओलिंपिक चार्टर के मौलिक सिद्धांत 6 में लिखा है, ‘‘इस ओलिंपिक चार्टर में निर्धारित अधिकारों और स्वतंत्रता को किसी भी भेदभाव के बिना सुरक्षित रखा जाएगा। रंग, लिंग, भाषा, धर्म, जन्म या राजनीतिक आधार पर किसी भी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जाएगा।

क्रिकेट में रंगभेद की बीमारी
इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज माइकल कारबेरी ने दावा किया है कि क्रिकेट नस्लवाद से ग्रस्त है और खेल चलाने वालों को "काले लोगों" की परवाह नहीं है। ईएसपीएन क्रिकइन्फो ने कारबेरी के हवाले से बताया, "क्रिकेट में जातिवाद की बीमारी है। अगर कोई इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अंदर देखेगा, तो उसको पता चलेगा कि बोर्ड में कोई ऐसा काला व्यक्ति नहीं है, जो निर्णय लेने के पद पर रह हो। इंग्लैंड के किसी क्लब में भी अब तक शायद ही कभी कोई ब्लैक प्लेयर कप्तान बना हो। यही नहीं इंग्लैंड के मुख्य कोच के पद पर भी कभी किसी ब्लैक खिलाड़ी की नियुक्ति नहीं हुई है।

26 मई को फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी
26 मई को धोखाधड़ी के एक मामले में फ्लॉयड को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान एक पुलिस अफसर ने फ्लॉयड को सड़क पर ही गिरा दिया था और अपने घुटने से उसकी गर्दन को करीब 8 मिनट तक दबाए रखा। इस कारण उसकी मौत हो गई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।



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वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने कहा- टीम के खिलाड़ी रंगभेद के खिलाफ टेस्ट मैच में घूटने टेकने पर विचार कर रहे हैं। अश्वेत का जीवन मायने रखता है अभियान को पूरी दुनिया में समर्थन मिल रहा है। -फाइल फोटो


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